30 जिलों में 109 कार्यक्रम, 5450 किसान हुए लाभान्वित
जयपुर में 14 फरवरी को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत राज्यभर में एक साथ कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह कार्यक्रम जलग्रहण परियोजनाओं के तहत संचालित किए गए। इनका उद्देश्य किसानों को जल एवं मृदा संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। साथ ही कृषि और आजीविका से जुड़े विषयों पर व्यावहारिक जानकारी देना भी लक्ष्य रहा।
“कृषक जागृति से उन्नति की ओर” की पहल
जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग के निदेशक मुहम्मद जुनेद ने बताया कि यह अभियान “कृषक जागृति से उन्नति की ओर” की भावना के साथ शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञों से प्रशिक्षण देने की यह पहल अधिकाधिक लाभ पहुंचाने के लिए की गई है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में परियोजना क्षेत्रों के किसानों ने उत्साह के साथ भाग लिया। विषय-विशेषज्ञों ने जल संरक्षण तकनीक, मृदा सुधार उपाय, कृषि उन्नयन, पशुपालन और आजीविका संवर्धन जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। किसानों को व्यापक कार्य योजना और उसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया भी समझाई गई।
30 जिलों में एक साथ आयोजन
निदेशक के अनुसार शनिवार को राज्य के 30 जिलों में कुल 109 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में लगभग 5450 किसानों ने भाग लिया। यह आयोजन एक साथ पूरे प्रदेश में किया गया। इससे अधिक से अधिक किसानों तक जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में प्रत्येक परियोजना क्षेत्र में कम से कम पांच प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। इसका उद्देश्य किसानों को लगातार तकनीकी मार्गदर्शन देना है।
किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
PMKSY Rajasthan Farmer Training पहल का मुख्य लक्ष्य किसानों की आय में सुधार करना है। विभाग का मानना है कि जब किसानों को सही तकनीक और संसाधनों की जानकारी मिलेगी, तब वे बेहतर उत्पादन कर सकेंगे। इससे उनकी आजीविका मजबूत होगी। निदेशक ने विश्वास जताया कि इस तरह के कार्यक्रमों से किसानों में जागरूकता बढ़ेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर व्यावहारिक ज्ञान मिलने से खेती में सकारात्मक बदलाव आएगा।
