रघुवंशी गांव में माहवारी स्वास्थ्य पर बड़ा कदम: महिलाओं को मिली जागरूकता और सहायता

Menstrual health awareness camp in Raghuvanshi village
रघुवंशी गांव में माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता शिविर

स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य शिविर, 240 महिलाओं ने लिया हिस्सा, सैनिटरी नैपकिन वितरण और जागरूकता रैली का आयोजन

स्वच्छता और स्वास्थ्य पर फोकस

करौली जिले के रघुवंशी गांव में स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एसबीआई फाउंडेशन और आंचल चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को माहवारी से जुड़ी सही जानकारी देना और स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था।

माहवारी स्वच्छता पर विशेषज्ञों की जानकारी

शिविर के दौरान विशेषज्ञों ने माहवारी के समय स्वच्छता बनाए रखने के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। महिलाओं को बताया गया कि सुरक्षित सैनिटरी उत्पादों का उपयोग क्यों जरूरी है और इससे संक्रमण का खतरा कैसे कम किया जा सकता है। साथ ही, माहवारी के दौरान खानपान, साफ-सफाई और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर भी जोर दिया गया। इस जानकारी से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा और वे खुलकर सवाल पूछती नजर आईं।

SBI संजीवनी क्लिनिक से मिली स्वास्थ्य सेवा

कार्यक्रम में “एसबीआई संजीवनी – क्लिनिक ऑन व्हील्स” की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने महिलाओं और किशोरियों की स्वास्थ्य जांच की। इसके बाद आवश्यक चिकित्सीय परामर्श भी दिया गया। जरूरतमंद महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन वितरित किए गए, जिससे वे सुरक्षित और स्वच्छ विकल्पों का उपयोग कर सकें।

240 प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी

इस जागरूकता शिविर में कुल 240 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर उनकी रुचि साफ नजर आई। इस पहल ने गांव में सकारात्मक माहौल बनाया और महिलाओं को अपनी सेहत को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।

जागरूकता रैली ने दिया मजबूत संदेश

स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से “माई हेल्थ मैटर्स” नारे के साथ एक जागरूकता रैली भी निकाली गई। रैली के जरिए ग्रामीणों को यह संदेश दिया गया कि माहवारी कोई शर्म की बात नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ा एक सामान्य विषय है।

ग्रामीण स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की पहल

आयोजकों ने बताया कि इस तरह के शिविरों का मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता को मजबूत करना है। इससे महिलाओं का जीवन स्तर बेहतर होगा और समाज अधिक स्वस्थ बनेगा। ग्रामवासियों ने इस पहल के लिए एसबीआई फाउंडेशन और आंचल चैरिटेबल ट्रस्ट का आभार व्यक्त किया।

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