स्वरोजगार, स्टार्टअप, स्किलिंग और पारदर्शी परीक्षाओं पर सरकार का बड़ा फोकस
जयपुर। राजस्थान बजट 2026-27 में युवाओं को केंद्र में रखा गया है। सरकार ने रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में बड़ा लक्ष्य तय किया है। इसके तहत मार्च 2029 तक 15 लाख रोजगार अवसर सृजित करने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री के ध्येय “युवा नौकरी लेने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने” को आगे बढ़ाने के लिए कई नई योजनाओं का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना को मजबूती
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत एक लाख युवाओं को 10 लाख रुपये तक के ऋण पर शत-प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलेगा। साथ ही, मार्जिन मनी अनुदान की सुविधा भी दी जाएगी। सरकार ने इसके लिए एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है। वहीं, 30 हजार युवाओं को सीधे लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, प्रतिभावान विद्यार्थियों के स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जिले के चयनित महाविद्यालयों में ‘वाईब्रेंट प्रोग्राम’ चलाया जाएगा।
शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष जोर
महाविद्यालयों में रोजगारपरक कौशल और डिजिटल मेंटरिंग के लिए ‘ड्रीम प्रोग्राम’ शुरू किया जाएगा। वहीं, नशामुक्त राजस्थान के संकल्प के तहत ‘राजसवेरा’ कार्यक्रम चलाया जाएगा। परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना की जाएगी। इससे भर्ती परीक्षाएं अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित होंगी। ऑनलाइन टेस्टिंग सुविधायुक्त सेंटर सप्ताह के सभी दिनों में परीक्षा आयोजन में सहायक होंगे। इससे पढ़ाई में अनावश्यक व्यवधान भी कम होगा।
स्किल्ड राजस्थान की ओर बड़ा कदम
राज्य में पहली बार आउटकम बेस्ड स्किल इम्पैक्ट बॉण्ड लाया जाएगा। इसमें भुगतान प्लेसमेंट आधारित परिणामों पर होगा। हॉस्पिटैलिटी, आईटी और हेल्थ सेक्टर के लिए एक हजार युवाओं को अंग्रेजी, फ्रेंच, जापानी, जर्मन और कोरियन भाषा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, 20 हजार अनुभवी कामगारों को ‘रिकॉग्निशन ऑफ प्रियोर लर्निंग’ के माध्यम से प्रमाणन मिलेगा।
टेक्नो हब और व्यावसायिक शिक्षा का विस्तार
अजमेर, भरतपुर और कोटा में टेक्नो हब स्थापित किए जाएंगे। यहाँ टिन्करिंग लैब, डीपटेक लैब और एआई लैब जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। प्रत्येक जिले में इंस्टिट्यूट ऑफ स्किल डवलपमेंट एवं वोकेशनल ट्रेनिंग शुरू होगा। साथ ही, ‘आईस्टार्ट एंबेसडर प्रोग्राम’ से स्टार्टअप्स को मेंटरशिप मिलेगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप 500 और विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू की जाएगी। इसके लिए 51 करोड़ 10 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
एससी-एसटी उद्यमिता को बढ़ावा
डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत 2500 लोगों को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने राजस्थान रोजगार नीति-2026 और युवा नीति-2026 के जरिए दीर्घकालिक विकास का रोडमैप भी तैयार किया है। इस प्रकार, बजट 2026-27 युवाओं के लिए अवसरों का नया द्वार खोलता नजर आ रहा है।
