राजस्थान में मौसम ने बदली करवट, बारिश-ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित

राजस्थान में बारिश और ओलावृष्टि के बाद बदला मौसम का मिजाज
राजस्थान के कई जिलों में बारिश और ओले गिरने से जनजीवन प्रभावित

बिजली गिरने से महिला की मौत, फसलों को भारी नुकसान; 10 जिलों में ऑरेंज और 12 में यलो अलर्ट

जयपुर। राजस्थान में आज सुबह से ही मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह होते ही आसमान में घने बादल छा गए। इसके बाद कई जिलों में बादल गरजे। फिर रुक-रुककर बारिश शुरू हो गई। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। इससे जनजीवन प्रभावित हुआ।

जयपुर सहित कई जिलों में लगातार हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। वहीं कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया। इसके साथ ही ठंडी हवा चलने लगी। इसलिए लोगों को गलन का एहसास हुआ।

बिजली गिरने से महिला की मौत

सीकर जिले के खंडेला क्षेत्र में बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां एक महिला पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। हालांकि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

कोटा में किसानों को बड़ा नुकसान

दूसरी ओर कोटा जिले में बारिश किसानों पर भारी पड़ी। रामगंज मंडी में लाखों रुपए की धनिया की फसल को नुकसान हुआ। मंडी में रखी धनिया से भरी बोरियां पानी में डूब गईं। इससे व्यापारियों और किसानों को आर्थिक झटका लगा। खेतों में भी पानी भर गया है। परिणामस्वरूप रबी की फसलों को नुकसान पहुंचा है।

इन जिलों में हुई बारिश और ओलावृष्टि

आज जयपुर, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, सीकर, अलवर, हनुमानगढ़ और चूरू में रुक-रुककर बारिश दर्ज की गई। वहीं नीम का थाना (सीकर), रैणी (अलवर), नोहर (हनुमानगढ़) और मंडाना (कोटा) में 5 से 10 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। इससे खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हुईं।

मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने आज राजस्थान के 10 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही 12 जिलों में यलो अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग के अनुसार, बारिश और आंधी का यह दौर थमने के बाद अगले दो दिन कोहरा छा सकता है। इसके अलावा मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि 31 जनवरी से 1 फरवरी के बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके असर से राज्य के कुछ हिस्सों में फिर से बारिश होने की संभावना है।

बारिश के बाद प्रदेश के कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवा चलने से सुबह-शाम गलन बढ़ गई है। लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। कुल मिलाकर, मौसम के इस बदले मिजाज ने आमजन और किसानों दोनों की चिंता बढ़ा दी है।