बिहार में महागठबंधन के विधायक गायब, ओडिशा में कांग्रेस विधायकों पर NDA को वोट देने का आरोप
तीन राज्यों में राज्यसभा चुनाव के दौरान हलचल
हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार को सुबह 9 बजे से शुरू हुई वोटिंग पूरी हो गई. चुनाव के दौरान तीनों राज्यों में राजनीतिक हलचल तेज रही. कई जगह क्रॉस वोटिंग के आरोप लगे, जबकि कुछ विधायक वोटिंग से गायब भी रहे. सबसे ज्यादा चर्चा कांग्रेस के विधायकों को लेकर हो रही है. बिहार में कांग्रेस के तीन विधायक और आरजेडी का एक विधायक वोटिंग के दौरान मौजूद नहीं रहे. बताया जा रहा है कि इन विधायकों के फोन भी बंद आ रहे हैं. वहीं ओडिशा में कांग्रेस के तीन विधायकों पर NDA उम्मीदवारों को वोट देने का आरोप लगा है. इन घटनाओं के बाद राज्यसभा चुनाव के नतीजों को लेकर राजनीतिक माहौल और गरमा गया है.
ओडिशा में क्रॉस वोटिंग का आरोप
ओडिशा में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भक्त चरण दास ने पार्टी के तीन विधायकों पर क्रॉस वोटिंग का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि दासरथी गोमांगो, सोफिया फिरदौस और रमेश जेना ने NDA के पक्ष में वोट किया है. इसके अलावा BJD के दो विधायकों सौभिक बिस्वाल और चक्रमणि कंअर के नाम भी चर्चा में आए हैं. राज्य में चार राज्यसभा सीटों के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में हैं. यहां एक सीट जीतने के लिए 30 विधायकों के समर्थन की जरूरत है. भाजपा के दो उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है. वहीं चौथी सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प हो गया है. इसी बीच वोटिंग के दौरान BJD और BJP के कुछ विधायकों के बीच हाथापाई की खबर भी सामने आई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया.
बिहार में महागठबंधन के विधायक नहीं पहुंचे
बिहार में विधानसभा की 243 सीटों में से पांच राज्यसभा सीटों के लिए मतदान हुआ. यहां NDA के पास 202 विधायकों का समर्थन है, इसलिए चार सीटों पर उसकी जीत लगभग तय मानी जा रही है. हालांकि महागठबंधन के कुछ विधायक वोटिंग के दौरान गायब रहे. जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के तीन विधायक और RJD का एक विधायक मतदान के लिए नहीं पहुंचे. इससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. विपक्षी खेमे में इसे लेकर असंतोष भी देखने को मिल रहा है.
हरियाणा में इनेलो ने बनाई दूरी
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव हो रहा है, जबकि मैदान में तीन उम्मीदवार हैं. यहां इनेलो के दोनों विधायकों ने वोटिंग से दूरी बना ली. पार्टी प्रमुख अभय चौटाला ने कहा कि यह फैसला जनता की भावना को ध्यान में रखकर लिया गया है. उन्होंने कहा कि अगर निर्दलीय उम्मीदवार को वोट देते तो खरीद-फरोख्त के आरोप लगते और कांग्रेस को वोट देने से भी राजनीतिक नुकसान हो सकता था. ऐसे में पार्टी ने मतदान से दूर रहने का निर्णय लिया. इस फैसले के बाद हरियाणा में भी चुनावी समीकरण को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है.
राज्यसभा की कुल सीटों पर नजर
देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया चल रही है. इनमें से 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं. सोमवार को 11 सीटों के लिए मतदान हुआ है. मौजूदा स्थिति में 37 में से 25 सीटें इंडिया गठबंधन के पास हैं, जबकि 12 सीटें NDA के पास हैं. चुनाव परिणाम आने के बाद इस समीकरण में बदलाव संभव है. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार NDA को इन चुनावों में करीब आठ सीटों का फायदा हो सकता है.
