‘वंदे मातरम्’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर 30 झांकियां,2,500 कलाकार देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुति
भारत का 77वां गणतंत्र दिवस इस बार देशभक्ति और आत्मनिर्भरता के संदेश के साथ मनाया जाएगा।नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली परेड की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है।इस आयोजन में भारत की सांस्कृतिक विविधता और विकास यात्रा की झलक देखने को मिलेगी।
इस अवसर पर कुल 30 झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी।इनमें 17 झांकियां विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की होंगी।वहीं,13 झांकियां अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों द्वारा प्रस्तुत की जाएंगी।इसके अलावा लगभग 2,500 कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से परेड को और भव्य बनाएंगे।
इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में अंतरराष्ट्रीय मेहमान भी शामिल होंगे।यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी।इससे भारत और यूरोप के बीच रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कई राज्य,जो पिछले वर्ष परेड में शामिल नहीं हो सके थे,इस बार अपनी सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करेंगे।इनमें असम,छत्तीसगढ़,हिमाचल प्रदेश,जम्मू-कश्मीर,केरल और महाराष्ट्र शामिल हैं।इसके अलावा मणिपुर,नागालैंड,ओडिशा,पुडुचेरी,राजस्थान और तमिलनाडु की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र होंगी।
झांकियों में पारंपरिक हस्तकला और लोकसंस्कृति को खास महत्व दिया जाएगा।असम की झांकी में आशिरकांडी गांव की हस्तकला दिखाई जाएगी।महाराष्ट्र गणेशोत्सव को आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करेगा।वहीं,पश्चिम बंगाल स्वतंत्रता संग्राम में अपने योगदान को दर्शाएगा।
