रॉबर्ट कियोसाकी ने बताया, कैसे ज्यादा आर्थिक सहारा बिगाड़ सकता है भविष्य
मशहूर निवेशक और ‘रिच डैड, पुअर डैड’ के लेखक Robert Kiyosaki अक्सर अपनी वित्तीय सलाह को लेकर चर्चा में रहते हैं। इस बार उन्होंने पैरेंटिंग और पैसों को लेकर एक अहम चेतावनी दी है। उनका कहना है कि कई माता-पिता अनजाने में अपने बच्चों को आर्थिक रूप से कमजोर बना रहे हैं। खासतौर पर भारत जैसे देशों में, जहां बच्चों को पढ़ाई से लेकर नौकरी के बाद भी आर्थिक सहायता मिलती रहती है।
जरूरत से ज्यादा सपोर्ट क्यों खतरनाक?
भारतीय परिवारों में आमतौर पर कॉलेज फीस, कार और यहां तक कि घर खरीदने में भी माता-पिता सहयोग करते हैं। कई बार रिटायरमेंट फंड या प्रोविडेंट फंड से पैसा निकालकर बच्चों की मदद की जाती है। हालांकि, कियोसाकी का मानना है कि ऐसा करने से बच्चे आत्मनिर्भर नहीं बन पाते। वे बजट बनाना, बचत करना और निवेश करना नहीं सीखते। इसके विपरीत, कई पश्चिमी देशों में बच्चे कॉलेज की फीस खुद जुटाते हैं। वे पढ़ाई के साथ काम करते हैं। इससे कम उम्र में ही वित्तीय अनुशासन विकसित होता है।
क्या हैं रॉबर्ट कियोसाकी के 5-C?
कियोसाकी ने सोशल मीडिया पर बताया कि माता-पिता अक्सर बच्चों को “5-C” देते हैं, जो लंबे समय में नुकसानदेह हो सकता है।
1. Cash (कैश)
बच्चों को बिना मेहनत के पैसा देना।
2. College (कॉलेज)
पूरी शिक्षा का खर्च खुद उठाना।
3. Car (कार)
कार खरीदना और उसका बीमा व खर्च भी देना।
4. Condo (घर)
पहला घर खरीदकर देना।
5. Cash Trust (ट्रस्ट फंड)
बच्चों के नाम ट्रस्ट फंड बनाना। उनका कहना है कि इससे बच्चे आर्थिक निर्णय लेना नहीं सीखते। वे आरामदायक जीवन के आदी हो जाते हैं।
पीढ़ियों पर पड़ता है असर
कियोसाकी के अनुसार, पहली पीढ़ी मेहनत से संपत्ति बनाती है। दूसरी पीढ़ी आराम से जीवन बिताती है। लेकिन तीसरी पीढ़ी तक आते-आते संपत्ति खत्म हो जाती है। इसलिए जरूरी है कि बच्चों को बचपन से ही कमाना, बचत करना और निवेश करना सिखाया जाए। आर्थिक स्वतंत्रता, असली विरासत है।
