साध्वी प्रेम बाईसा मौत केस में बड़ा खुलासा, पिता और केयरटेकर का हो सकता है पॉलीग्राफ टेस्ट

Sadhvi Prem Baisa death case forensic investigation in Jodhpur
साध्वी प्रेम बाईसा मौत केस में डीएनए और पॉलीग्राफ जांच की तैयारी

डीएनए जांच शुरू, वेजाइनल स्वाब सैंपल की फॉरेंसिक जांच जारी, 35 सैंपलों पर एफएसएल कर रहा परीक्षण

साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। जोधपुर में इस हाई-प्रोफाइल केस की गुत्थी सुलझाने के लिए एसआईटी ने तकनीकी और वैज्ञानिक जांच का सहारा लिया है। इसी क्रम में डीएनए जांच शुरू कर दी गई है और वेजाइनल स्वाब सैंपल को भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। एसआईटी ने साध्वी प्रेम बाईसा के बालों के साथ उनके उपयोग में आने वाले कई सामान एफएसएल भेजे हैं। जरूरत पड़ने पर पिता वीरमनाथ के सैंपल भी लिए जा सकते हैं। जांच एजेंसियां हर एंगल से मामले को खंगालने में जुटी हैं, ताकि मौत के पीछे की असली वजह सामने आ सके।

विसरा रिपोर्ट के बाद पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी

अगर विसरा जांच में जहर की पुष्टि नहीं होती है, तो जांच एजेंसी अगला कदम उठाने की तैयारी में है। इस स्थिति में पिता वीरमनाथ और केयरटेकर सुरेश का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जा सकता है। जयपुर एफएसएल के निदेशक डॉ. अजय शर्मा ने साफ किया है कि पुलिस की मांग पर पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए एफएसएल पूरी तरह तैयार है।

35 सैंपलों की हो रही गहन जांच

डॉ. अजय शर्मा के अनुसार, एसआईटी ने जहर की जांच के लिए कुल 35 सैंपल भेजे हैं। इनमें खाने के बर्तन, आश्रम की मिट्टी, चादर, तौलिया, कंघा, डस्टबिन, इंजेक्शन की सीरिंज और दवाइयों की बोतलें शामिल हैं। इसके अलावा, यह भी जांचा जा रहा है कि साध्वी प्रेम बाईसा को अस्थमा था या नहीं। इस एंगल से पुरानी दवाओं की भी जांच कराई जा रही है।

विसरा जांच से खुलेगा जहर का राज

विसरा जांच के लिए लीवर, फेफड़े, हार्ट और आंत समेत शरीर के महत्वपूर्ण अंगों के सैंपल एफएसएल को भेजे गए हैं। एफएसएल अधिकारियों का कहना है कि विसरा रिपोर्ट से साफ हो जाएगा कि मौत जहर से हुई या नहीं। सैंपल की संख्या ज्यादा होने के कारण जांच में 7 से 10 दिन का समय लग सकता है।

वेजाइनल स्वाब सैंपल की फॉरेंसिक जांच

एफएसएल वेजाइनल स्वाब सैंपल की जांच कर रही है। इसमें यह देखा जाएगा कि सैंपल में ह्यूमन सीमन मौजूद है या नहीं। यदि सीमन की पुष्टि होती है, तो पुलिस संदिग्धों के डीएनए सैंपल लेकर मिलान करा सकती है। यह जांच पूरे मामले की दिशा तय करने में अहम मानी जा रही है।

अब सबकी नजर एफएसएल रिपोर्ट पर

फिलहाल एसआईटी और पुलिस को एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार है। माना जा रहा है कि वैज्ञानिक जांच के नतीजे सामने आने के बाद साध्वी प्रेम बाईसा मौत केस में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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