Sadhvi Prem Baisa Death Case: साध्वी प्रेम बाईसा की मौत से उठेगा पर्दा, SIT करेगी गहराई से जांच

SIT investigation in Sadhvi Prem Baisa death case
साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत की जांच के लिए गठित SIT

एसीपी छवि शर्मा की अगुवाई में बनी SIT, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से नहीं सुलझी मौत की गुत्थी

जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत का मामला अब और गंभीर होता जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल केस में सच्चाई सामने लाने के लिए पुलिस ने विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया है। SIT की कमान एसीपी छवि शर्मा को सौंपी गई है। उनके साथ बोरानाडा थानाधिकारी शकील और एक साइबर एक्सपर्ट को भी टीम में शामिल किया गया है। प्रशासन का दावा है कि अब केस की हर परत को बारीकी से खंगाला जाएगा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से नहीं सुलझी गुत्थी

सूत्रों के अनुसार, साध्वी प्रेम बाईसा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। रिपोर्ट में शरीर पर किसी भी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। इसके अलावा जहर दिए जाने की भी पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, विसरा सुरक्षित रख लिया गया है, ताकि फॉरेंसिक जांच के जरिए मौत की असली वजह सामने आ सके। अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे मामले पर रहस्य और गहरा गया है।

डेक्सोना इंजेक्शन पर उठे सवाल

मृतका के पिता और गुरु वीरमनाथ लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि कंपाउंडर द्वारा डेक्सोना इंजेक्शन लगाए जाने के बाद ही साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसी बिंदु पर SIT विशेष फोकस कर रही है। इंजेक्शन किसने लगाया, क्यों लगाया और इसकी जरूरत क्या थी, इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।

वीरमनाथ की भूमिका पर शक

मामले में गुरु वीरमनाथ की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। एंबुलेंस बुलाने से मना करना, पहले पोस्टमार्टम के लिए तैयार न होना और बयान बदलना, इन सभी बातों ने संदेह को और गहरा कर दिया है। SIT इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

समर्थकों ने लगाए साजिश के आरोप

साध्वी प्रेम बाईसा के समर्थकों का कहना है कि इस केस में कई पेच हैं और सच्चाई को दबाने की कोशिश की जा रही है। उनका आरोप है कि जानबूझकर मामले को उलझाया जा रहा है, ताकि असली दोषी बच निकलें।

विधानसभा तक पहुंचा मामला

शुक्रवार को यह मामला राजस्थान विधानसभा में भी गूंजा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। सरकार ने सदन में भरोसा दिलाया कि SIT पूरी गंभीरता से जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Read More :- संजू सैमसन के पास आज आखिरी मौका? नहीं चला बल्ला तो T20 वर्ल्ड कप में पिलाना पड़ सकता है पानी