सोशल मीडिया हैंडल खंगालेगी पुलिस, बड़ा सवाल– किसने लगाया था इंजेक्शन?
पश्चिमी राजस्थान की प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की जोधपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने सनसनी फैला दी है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। फिलहाल बोरानाडा थाना पुलिस जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल (MGH) की मोर्चरी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा रही है, ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके।
मौत के बाद सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ाया रहस्य
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत बुधवार शाम को हो चुकी थी, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि रात करीब 9:30 बजे उनके सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट सामने आई। इस पोस्ट में ‘अग्निपरीक्षा’ और ‘अलविदा’ जैसे शब्द लिखे गए थे, जिसे लोग सुसाइड नोट के तौर पर देख रहे हैं। अब पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि मौत के करीब तीन से चार घंटे बाद यह पोस्ट किसने की। क्या यह पोस्ट पहले से शेड्यूल थी या फिर किसी अन्य व्यक्ति ने साध्वी का अकाउंट हैंडल किया। इसी कड़ी में पुलिस उनके सभी सोशल मीडिया हैंडल्स की गहन जांच करेगी।
पिता का दावा: इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत
एसीपी (वेस्ट) छवि शर्मा ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट के अनुसार साध्वी की तबीयत पिछले दो दिनों से खराब थी। बुधवार को आश्रम में ही किसी व्यक्ति को बुलवाकर उन्हें एक इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद उनकी हालत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उन्हें पाल रोड स्थित प्रेक्षा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने शव को सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में ले जाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराने की पेशकश की, लेकिन पिता ने इसे ठुकरा दिया और शव को अपनी कार से बोरानाडा रोड स्थित आरती नगर आश्रम ले गए।
कार्रवाई से बचने की कोशिश? उठ रहे कई सवाल
पुलिस के अनुसार, शुरुआत में परिजनों की ओर से न तो रिपोर्ट देने और न ही पोस्टमार्टम करवाने की इच्छा दिखाई गई। यह बात जांच एजेंसियों को असहज कर रही है। यदि इंजेक्शन के कारण मौत हुई, तो फिर इंजेक्शन लगाने वाले व्यक्ति के खिलाफ अब तक कोई शिकायत क्यों नहीं दी गई, यह भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
समय का पेंच बना जांच की सबसे बड़ी कड़ी
पूरे मामले में सबसे उलझा हुआ पहलू ‘समय’ को लेकर है।
- मौत का समय: प्रेक्षा हॉस्पिटल के डॉक्टर प्रवीण जैन के अनुसार साध्वी को शाम करीब 5:45 बजे अस्पताल लाया गया था और उससे पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।
- सोशल मीडिया पोस्ट: रात करीब 9:30 बजे इंस्टाग्राम पर पोस्ट सामने आई।
यानी जब साध्वी इस दुनिया में नहीं थीं, तब उनके अकाउंट से पोस्ट कैसे आई—यही जांच का अहम बिंदु है।
मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम
एसीपी ने बताया कि पुलिस ने ‘चेन ऑफ कस्टडी’ और मेडिकल प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए परिजनों को समझाया, जिसके बाद वे पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। अब मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि मौत इंजेक्शन के रिएक्शन से हुई या किसी अन्य वजह से।
छह महीने पुराने विवाद की भी जांच
साध्वी की आखिरी पोस्ट में ‘न्याय’ और ‘अग्निपरीक्षा’ का जिक्र सामने आने के बाद पुलिस पुराने विवादों को भी खंगाल रही है। जुलाई 2025 में साध्वी ने अपने पूर्व स्टाफ पर ब्लैकमेलिंग और वीडियो वायरल कर छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करवाया था। आशंका जताई जा रही है कि इस विवाद का असर मौजूदा घटनाक्रम से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सोशल मीडिया की फॉरेंसिक जांच के बाद ही साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का सच सामने आ पाएगा।
