क्रिकेट के ‘कैप्टन कूल’ की एजुकेशन और मैदान की रणनीति
भारत और पाकिस्तान का मुकाबला हमेशा हाई-वोल्टेज होता है। इस बार टी20 मैच कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जा रहा है। ऐसे में पाकिस्तान की कमान संभाल रहे Salman Ali Agha चर्चा में हैं। उनकी बल्लेबाजी और ऑफ-ब्रेक गेंदबाजी तो मशहूर है। हालांकि, फैंस यह भी जानना चाहते हैं कि वे पढ़ाई में कितने आगे हैं।
लाहौर से शुरू हुआ सफर
23 नवंबर 1993 को लाहौर में जन्मे सलमान अली आगा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई स्थानीय स्कूल से पूरी की। बचपन से ही उनका झुकाव क्रिकेट की ओर था। फिर भी उन्होंने स्कूल की शिक्षा जारी रखी। वे अंडर-16 और स्कूल टीम का हिस्सा बने। इसके बाद उन्होंने कॉलेज में दाखिला लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने ग्रेजुएशन स्तर तक पढ़ाई की है। हालांकि, उनकी स्पेशल स्ट्रीम की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं है। लेकिन वे ‘हायर एजुकेशन कमीशन’ (HEC) की टीम से घरेलू क्रिकेट खेल चुके हैं। पाकिस्तान में HEC टीम में वही खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं जो ग्रेजुएशन कर रहे हों या डिग्री धारक हों।
शिक्षा और कप्तानी का तालमेल
सलमान अली आगा का मानना है कि शिक्षा मानसिक मजबूती देती है। वे पंजाबी, उर्दू और अंग्रेजी तीनों भाषाओं में सहज हैं। यही आत्मविश्वास उनकी कप्तानी में झलकता है। शांत स्वभाव और संतुलित रणनीति उन्हें अलग पहचान देती है। आज भारत के खिलाफ मुकाबले में उन्हें दोहरी जिम्मेदारी निभानी है। एक ओर भारतीय कप्तान Suryakumar Yadav की आक्रामक बल्लेबाजी को रोकना है। दूसरी ओर अपनी टीम को मजबूती देनी है। कोलंबो की स्पिन फ्रेंडली पिच पर उनकी ऑफ-ब्रेक अहम भूमिका निभा सकती है।
सूर्या बनाम सलमान: पढ़ाई में कौन आगे?
सूर्यकुमार यादव ने मुंबई के पिल्लई कॉलेज ऑफ आर्ट्स, कॉमर्स एंड साइंस से बीकॉम की डिग्री ली है। उन्होंने क्रिकेट और पढ़ाई दोनों को संतुलित किया। वहीं सलमान अली आगा भी ग्रेजुएट माने जाते हैं। हालांकि उनकी डिग्री की विशेष जानकारी सार्वजनिक नहीं है। फिलहाल मैदान पर दोनों कप्तानों की रणनीति और प्रदर्शन ही असली परीक्षा है। शिक्षा ने दोनों खिलाड़ियों को मानसिक मजबूती दी है। अब देखना यह है कि आज के मुकाबले में किसकी रणनीति भारी पड़ती है।
