गंगापुर सिटी में सिंधी समाज का भव्य आयोजन, गौसेवा और सम्मान कार्यक्रम ने जीता दिल

Sindhi Panchayat Gangapur gaushala service event
Gangapur Sindhi community gaushala program

पूज्य सिंधी पंचायत द्वारा गौशाला में सेवा, सम्मान और मेले का निमंत्रण, समाज की एकजुटता का अनोखा उदाहरण

सेवा और श्रद्धा से शुरू हुआ कार्यक्रम

राजस्थान के गंगापुर सिटी में पूज्य सिंधी पंचायत द्वारा एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक भावना और सेवा कार्य के साथ हुई। सबसे पहले समाज के प्रतिनिधियों ने गौशाला पहुंचकर वहां के पदाधिकारियों का सम्मान किया और आगामी मेले में शामिल होने का निमंत्रण दिया।

गौशाला में हुआ सम्मान और निमंत्रण

समाज की ओर से मेला अध्यक्ष प्रमेंद्र गंगवानी (शानू भैया) और मेला संयोजक आशीष केवलानी (योगी भैया) ने गौशाला के महामंत्री कृपा शंकर जी और उपाध्यक्ष पूनम जगवानी जी का सम्मान किया। इसके साथ ही उन्हें मेले में ससम्मान आमंत्रित किया गया।

गौ माता की सेवा में जुटा समाज

इसके बाद दशहरा मैदान स्थित श्री गोपाल गौशाला में समाज के महिला और पुरुष सदस्य बड़ी संख्या में पहुंचे। यहां सभी ने मिलकर गौ माता की सेवा की। उन्होंने गायों को हरा चारा खिलाया और धर्मार्थ कार्य में भाग लिया। इस दौरान श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला।

मंदिर में आरती और आशीर्वाद

गौसेवा के बाद सभी ने गौशाला परिसर में स्थित मंदिर में भगवान श्री हरि की आरती की। इसके बाद सभी ने आशीर्वाद लिया और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।

महिला मंडल की सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में सिंधी पंचायत के महिला मंडल की विशेष भागीदारी रही। रेखा चंदानी, मोनिशा चंदानी, बेबी, गोदावरी, नमिता, मनीषा गंगवानी, साक्षी पंजाबी, जया लधानी, मनीषा वासवानी, आशा देवी, प्रिया सोनी और सिमरन केवलानी सहित कई महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उनकी सक्रियता ने कार्यक्रम को और भी सफल बनाया।

समाज के वरिष्ठों का सम्मान

समाज के अध्यक्ष ललित चंदानी और कोषाध्यक्ष भगवान जी सेवाराम सहित अन्य सदस्यों ने गंगापुर के पूर्व सभापति शिवरतन अग्रवाल जी का सम्मान किया। साथ ही उन्हें भी मेले में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया।

एकता और परंपरा का संदेश

यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज की एकता और सेवा भावना को भी दर्शाता है। ऐसे आयोजनों से सामाजिक जुड़ाव मजबूत होता है और नई पीढ़ी को संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलता है।

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