मोहाली कोर्ट का बड़ा फैसला

मोहाली जिला अदालत और लॉरेंस बिश्नोई की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान पेशी
मोहाली कोर्ट में सोनू शाह हत्याकांड पर सुनाया गया अहम फैसला

लॉरेंस बिश्नोई समेत पांच आरोपी बरी, तीन शूटर दोषी करार

मोहाली के चर्चित सोनू शाह हत्याकांड में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। जिला अदालत ने मुख्य आरोपित लॉरेंस बिश्नोई समेत पांच आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश नहीं किए जा सके। इसलिए उन्हें संदेह का लाभ दिया गया। हालांकि, तीन शूटरों को दोषी करार दिया गया है। अब 20 फरवरी को सजा पर सुनवाई होगी। इस फैसले से पुलिस को झटका लगा है।

क्या था पूरा मामला

यह वारदात 28 सितंबर 2019 की है। उस दिन हमलावरों ने बुड़ैल स्थित सोनू शाह के ऑफिस में घुसकर फायरिंग की थी। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। कुछ दिनों में पुलिस ने शूटरों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के आधार पर लॉरेंस बिश्नोई को भी आरोपी बनाया गया। पुलिस का दावा था कि हत्या गैंग के इशारे पर हुई। लेकिन अदालत में यह कहानी साबित नहीं हो सकी।

अदालत में क्या कहा गया

सुनवाई के दौरान लॉरेंस बिश्नोई ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही दी। उसने अदालत को बताया कि वह पिछले कई वर्षों से जेल में बंद है।उसने अन्य आरोपियों से किसी भी संबंध से इनकार किया। साथ ही कहा कि उसके पास से कोई संचार उपकरण बरामद नहीं हुआ। अदालत ने साक्ष्यों की कमी को गंभीरता से लिया। और फिर लॉरेंस के अलावा दीपक रंगा, अभिषेक उर्फ बंटी, राजू बसोदी और धर्मेंद्र को बरी कर दिया। दीपक रंगा का नाम पहले भी कई मामलों में सामने आ चुका है।

तीन आरोपी दोषी

दूसरी ओर शुभम, मंजीत और राजन उर्फ जाट को दोषी ठहराया गया है। अदालत ने माना कि इनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। अब सजा पर अंतिम निर्णय आना बाकी है। यह फैसला लंबे समय से चर्चा में रहे मामले में आया है।साथ ही इसने न्यायिक प्रक्रिया की अहमियत को भी रेखांकित किया है। अब सभी की नजरें सजा के ऐलान पर टिकी हैं।

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