मकर संक्रांति का त्योहार हर साल अपने साथ नई शुरुआत, सकारात्मकता और अपनापन लेकर आता है। जैसे ही आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भरता है और घरों में तिल-गुड़ की मिठास घुलती है, वैसे ही लोगों की यादें और भावनाएं भी ताजा हो जाती हैं। इस खास मौके पर सोनी सब के लोकप्रिय कलाकारों ने अपनी बचपन की यादें और इस पर्व से जुड़े अनुभव साझा किए।
‘गाथा शिव परिवार की: गणेश कार्तिकेय’ में देवी पार्वती का किरदार निभा रहीं श्रेनु पारिख के लिए मकर संक्रांति खास तौर पर वडोदरा की उत्तरायण से जुड़ी है। उन्होंने पतंगबाजी, सर्दियों की धूप और पारंपरिक व्यंजनों को अपने बचपन की सबसे खूबसूरत यादों में बताया। शादी के बाद मिले नए रीति-रिवाजों ने इस त्योहार को उनके लिए और भी खास बना दिया।
वहीं ‘इत्ती सी खुशी’ में एसीपी संजय भोसले का किरदार निभाने वाले ऋषि सक्सेना ने मकर संक्रांति को पॉजिटिविटी और नई सोच का प्रतीक बताया। उनके अनुसार, यह त्योहार नेगेटिविटी छोड़कर मिठास अपनाने की सीख देता है।
‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ की दीक्षा जोशी और नेहा एसके मेहता के लिए यह पर्व लोगों को करीब लाने वाला है। गुजरात की उत्तरायण हो या सेट पर साथ मनाया गया त्योहार, सभी कलाकारों ने माना कि परंपराएं जगह बदल सकती हैं, लेकिन भावनाएं हमेशा एक जैसी रहती हैं। यही मकर संक्रांति की असली खूबसूरती है।
