बजट 2026 में खिलाड़ियों के लिए बड़ी सौगात, कोचिंग से मैन्युफैक्चरिंग तक सरकार का लंबा गेम प्लान
बजट 2026 में खेलों को मिली नई पहचान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में भारतीय खेल जगत को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इस बजट में ‘खेलो इंडिया मिशन’ की घोषणा करते हुए सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि करियर और रोजगार का मजबूत माध्यम बनेंगे। इसके साथ ही भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में दीर्घकालिक रणनीति पेश की गई है।
खेल बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
बजट 2026 में खेल मंत्रालय के आवंटन में करीब 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। कुल 4479.8 करोड़ रुपये खेल मंत्रालय को दिए गए हैं। इसमें से 924.5 करोड़ रुपये सिर्फ खेलो इंडिया के लिए तय किए गए हैं। यह राशि पिछले वर्ष की तुलना में 1133 करोड़ रुपये से अधिक है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार जमीनी स्तर पर खेलों को मजबूत करने को प्राथमिकता दे रही है।
खेलो इंडिया मिशन क्या है
खेलो इंडिया मिशन को अगले 10 वर्षों के लिए एक समग्र योजना के रूप में तैयार किया गया है। जहां पहले खेलो इंडिया का उद्देश्य प्रतिभाओं की पहचान था, वहीं यह नया मिशन खेल को एक पूर्ण करियर इकोसिस्टम में बदलने पर केंद्रित है। इसमें प्रशिक्षण, रोजगार, स्पोर्ट्स बिजनेस और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा सभी पहलू शामिल हैं।
कोच और सपोर्ट स्टाफ पर खास जोर
इस मिशन के तहत कोच, फिजियोथेरेपिस्ट, ट्रेनर, स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट और तकनीकी विशेषज्ञों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को बेहतर वैज्ञानिक प्रशिक्षण मिलेगा और प्रदर्शन में निरंतर सुधार संभव होगा।
मेक इन इंडिया से खेल उद्योग को ताकत
सरकार खेल उपकरण निर्माण को भी बढ़ावा दे रही है। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत खेल से जुड़े मैन्युफैक्चरिंग और मटेरियल साइंस को मजबूत किया जाएगा। देश के करीब 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टर्स को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। इसका उद्देश्य कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाले खेल उपकरण तैयार करना है।
ओलंपिक और कॉमनवेल्थ की तैयारी
यह पूरा प्लान 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की तैयारी से जुड़ा है। सरकार चाहती है कि भारत न सिर्फ आयोजन करे, बल्कि पदक तालिका में भी शीर्ष देशों में शामिल हो।
कुल मिलाकर क्या बदलेगा
Sports Budget 2026 यह साफ करता है कि सरकार खेलों को राष्ट्र निर्माण का अहम हिस्सा मान रही है। बेहतर फंडिंग, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के अवसर मिलकर भारतीय खेलों की तस्वीर बदल सकते हैं।
