1 फरवरी को बजट, अमेरिकी फेड का फैसला और ऑटो सेल्स के आंकड़े, निवेशकों की नजर बड़े फैक्टर्स पर
क्यों खास है यह सप्ताह
शेयर बाजार के लिहाज से यह सप्ताह पूरे साल का सबसे अहम माना जा रहा है। दरअसल, 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। इसी के साथ अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक, दिग्गज कंपनियों के तिमाही नतीजे और ऑटो सेक्टर की बिक्री के आंकड़े भी सामने आएंगे। इसलिए निवेशकों की नजर हर बड़े इवेंट पर टिकी हुई है। पिछले हफ्ते बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी, जिससे सेंसेक्स 2,033 अंक और निफ्टी 646 अंक तक टूट गया था। ऐसे में इस हफ्ते बाजार की चाल इन फैक्टर्स पर निर्भर करेगी।
केंद्रीय बजट से बढ़ी उम्मीदें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट 2026-27 पेश करेंगी। इस बार मिडिल क्लास को टैक्स में राहत और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर ज्यादा खर्च की उम्मीद जताई जा रही है। खास बात यह है कि बजट रविवार को पेश होगा। इसी कारण NSE और BSE ने स्पेशल ट्रेडिंग सेशन रखने का फैसला किया है। बजट में अगर विकास और निवेश को बढ़ावा देने वाली घोषणाएं होती हैं, तो बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है।
अमेरिकी फेड के फैसले पर नजर
27 और 28 जनवरी को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक होगी। बाजार को उम्मीद है कि इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि निवेशक फेड चेयरमैन के भविष्य के संकेतों पर ध्यान देंगे। अगर दरों में कटौती के संकेत मिलते हैं, तो यह भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक साबित हो सकता है।
ऑटो सेक्टर की सेल्स तय करेंगी रुझान
1 फरवरी को मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी बड़ी ऑटो कंपनियां जनवरी महीने की बिक्री रिपोर्ट जारी करेंगी। खासतौर पर इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री पर निवेशकों की नजर रहेगी। इससे ऑटो सेक्टर के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।
तिमाही नतीजों से बनेगा सेंटिमेंट
इस हफ्ते 500 से ज्यादा कंपनियां अपने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें एलएंडटी, टाटा मोटर्स, सन फार्मा, टाइटन और अडाणी पोर्ट्स जैसी कंपनियां शामिल हैं। कंपनियों के मुनाफे और मैनेजमेंट की कमेंट्री से बाजार की दिशा तय होगी।
विदेशी निवेशक, क्रूड और रुपया
जनवरी में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से भारी बिकवाली की है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती और चीन के बाजार में सुधार इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है। वहीं, ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर के आसपास बना हुआ है और रुपया हाल ही में रिकॉर्ड निचले स्तर तक फिसला था। इन दोनों फैक्टर्स का असर भी बाजार पर साफ दिखेगा।
PMI डेटा देगा इकोनॉमी का संकेत
हफ्ते के अंत में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के PMI आंकड़े आएंगे। ये आंकड़े देश की आर्थिक सेहत का संकेत देंगे। अगर डेटा मजबूत रहता है, तो बाजार को सपोर्ट मिल सकता है।
