यूरोप के इबेरियन प्रायद्वीप पर मौसम का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. स्टॉर्म लियोनार्डो के बाद अब एक और शक्तिशाली तूफान मार्ता स्पेन और पुर्तगाल की ओर बढ़ रहा है. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. हालात ऐसे बन गए हैं कि नदियां उफान पर हैं और कई इलाकों में बाढ़ जैसे दृश्य सामने आ रहे हैं.
स्पेन में हालात सबसे ज्यादा भयावह
स्पेन के दक्षिणी अंडालूसिया क्षेत्र में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है. अब तक 11 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है. लगातार बारिश के कारण जमीन पानी सोखने में असमर्थ हो चुकी है. नतीजतन नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. कोर्डोबा प्रांत में ग्वाडलक्विविर नदी खतरनाक स्तर को पार कर चुकी है. इसके चलते कई रिहायशी इलाकों को खाली कराना पड़ा. सुरक्षा कारणों से ऐतिहासिक रोमन ब्रिज पर पैदल आवाजाही भी रोक दी गई है.
मार्ता तूफान से बढ़ेगा खतरा
स्पेन की मौसम एजेंसी एईएमईटी ने चेतावनी जारी की है कि शनिवार 7 फरवरी 2026 को मार्ता तूफान तट से टकरा सकता है. इसके साथ ही लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश की आशंका है. विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य हालात में 30 मिमी बारिश ज्यादा नहीं होती, लेकिन मौजूदा परिस्थिति में यह बेहद खतरनाक साबित हो सकती है.
सैकड़ों लोगों को छोड़ना पड़ा घर
ग्राहजालेमा पर्वतीय क्षेत्र में हालात और भी चिंताजनक हैं. यहां करीब 1,500 लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं. पानी दीवारों से रिसकर सड़कों पर बह रहा है. भूवैज्ञानिकों के मुताबिक अधिक पानी के कारण चट्टानें कमजोर हो रही हैं, जिससे भूस्खलन और जमीन धंसने का खतरा बढ़ गया है.
पुर्तगाल में भी आपातकाल जैसे हालात
पुर्तगाल के कई शहरों में तीसरे दिन भी जलभराव बना हुआ है. साडो नदी के किनारे स्थित अल्कासेर शहर का बड़ा हिस्सा पानी में डूबा है. टैगस समेत छह प्रमुख नदियों को गंभीर बाढ़ जोखिम श्रेणी में रखा गया है. प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो ने 69 नगरपालिकाओं में आपदा स्थिति को फरवरी मध्य तक बढ़ाने की घोषणा की है.
जलवायु परिवर्तन की चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण यूरोप में इस तरह की एक्सट्रीम मौसमी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. लगातार आने वाले तूफानों की यह ‘स्टॉर्म ट्रेन’ भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी है. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, पहाड़ी और नदी किनारे इलाकों से दूर रहने और आधिकारिक अलर्ट का पालन करने की अपील की है. आने वाले दिन यह तय करेंगे कि यह तबाही और कितनी बढ़ेगी.
