मौसम बदलते ही शरीर क्यों हो जाता है सुस्त?
गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोगों को बिना ज्यादा काम किए भी थकान महसूस होने लगती है। दरअसल, जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, शरीर को खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसी वजह से शरीर की ऊर्जा तेजी से खर्च होती है। इसके अलावा, पसीना ज्यादा आने से शरीर में पानी की कमी होने लगती है। इसलिए डिहाइड्रेशन भी थकान का बड़ा कारण बनता है।
डिहाइड्रेशन और एनर्जी लॉस का सीधा संबंध
गर्मी में पसीने के जरिए शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं। ऐसे में अगर आप पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं, तो शरीर कमजोर महसूस करता है। साथ ही सिरदर्द, चक्कर और सुस्ती जैसी समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं। इसलिए शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी हो जाता है।
मूड और नींद पर भी पड़ता है असर
वहीं, मौसम में बदलाव का असर मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है। जब धूप कम मिलती है या मौसम अचानक बदलता है, तो शरीर में सेरोटोनिन का स्तर कम हो जाता है। इसके कारण व्यक्ति सुस्त और चिड़चिड़ा महसूस करता है। इसके अलावा, गर्मी और उमस के कारण नींद भी पूरी नहीं हो पाती। इसलिए दिनभर थकान बनी रहती है।
उमस और हवा का दबाव भी जिम्मेदार
उमस भरे मौसम में पसीना जल्दी सूख नहीं पाता, जिससे शरीर ठंडा नहीं हो पाता। यही वजह है कि व्यक्ति को भारीपन और थकान महसूस होती है। इसके साथ ही, हवा के दबाव में बदलाव से ऑक्सीजन लेवल पर असर पड़ता है, जिससे सांस लेने में हल्की परेशानी भी हो सकती है।
खुद को एनर्जेटिक रखने के आसान उपाय
गर्मी से बचने के लिए कुछ आसान आदतें अपनाना जरूरी है। सबसे पहले दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएं। इसके अलावा, हल्का और पौष्टिक भोजन करें, जिससे शरीर को जरूरी ऊर्जा मिलती रहे। वहीं, दोपहर की तेज धूप से बचना चाहिए और सुबह या शाम के समय ही बाहर निकलना बेहतर होता है। साथ ही रोजाना 7-8 घंटे की नींद लेना भी जरूरी है, ताकि शरीर पूरी तरह रिचार्ज हो सके।
किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत?
जिन लोगों को पहले से ब्लड प्रेशर, दिल या थायरॉइड की समस्या है, उन्हें गर्मी में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अलावा बुजुर्ग और छोटे बच्चों को भी इस मौसम में खास ध्यान देने की जरूरत होती है।
