पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोका, मीरा राठौर नजरबंद, आमरण अनशन शुरू
महाशिवरात्रि के अवसर पर आगरा में माहौल अचानक गर्म हो गया। दरअसल अखिल भारत हिन्दू महासभा ने ताजमहल में पूजा-अर्चना और शुद्धिकरण की घोषणा की थी। इसके बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया। पुलिस ने संगठन के कार्यकर्ताओं को ताजमहल की ओर बढ़ने से पहले ही रोक लिया। उन्हें पश्चिमी गेट तक भी नहीं जाने दिया गया। एहतियातन कई जगहों पर पुलिस बल तैनात रहा। इसके साथ ही संभावित विवाद को टालने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई।
रामलीला मैदान से पहले रोके गए कार्यकर्ता
महासभा ने मांग रखी थी कि महाशिवरात्रि के दिन शाहजहां के उर्स की तरह ताजमहल में निशुल्क प्रवेश दिया जाए। हालांकि प्रशासन ने यह मांग स्वीकार नहीं की। इसके बाद संगठन ने टिकट लेकर साधु-संतों के साथ प्रवेश करने और पूजा करने की घोषणा की। सुबह 11 बजे कार्यकर्ताओं को रामलीला मैदान स्थित श्रीराम हनुमान मंदिर पर एकत्र होना था। लेकिन पुलिस पहले से ही वहां मौजूद रही। बबलू निषाद सहित कई कार्यकर्ताओं को मैदान से आगे नहीं बढ़ने दिया गया।
मीरा राठौर समेत कई पदाधिकारी नजरबंद
संगठन की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर को उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया गया। इसके अलावा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष मीना दिवाकर और नगर महामंत्री नंदू को भी घर पर ही रोका गया। वहीं मंडल महामंत्री नितेश भारद्वाज समेत अन्य कार्यकर्ताओं को ताजगंज पुलिस ने हिरासत में लिया।
आमरण अनशन पर बैठीं जिलाध्यक्ष
पुलिस कार्रवाई के विरोध में मीरा राठौर ने अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्यकर्ता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई तो वे ताजमहल परिसर में भगवा ध्वज फहराकर शिवरात्रि मनाएंगी। उनका तर्क है कि जब शाहजहां के उर्स के दौरान तीन दिनों तक निशुल्क प्रवेश दिया जाता है, तो महाशिवरात्रि पर यह सुविधा क्यों नहीं दी जा सकती। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
