75 हजार पोलिंग स्टेशन, 100% वेबकास्टिंग; 74 लाख नाम SIR में हटे
चेन्नई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में एक फेज में चुनाव कराए जाने की योजना है। हालांकि, अंतिम फैसला जल्द घोषित किया जाएगा।
SIR के बाद 5.67 करोड़ मतदाता
Election Commission of India ने 27 अक्टूबर 2025 से 23 फरवरी 2026 तक स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान चलाया। उद्देश्य था कि कोई योग्य मतदाता छूटे नहीं और कोई अयोग्य शामिल न रहे। SIR शुरू होने के समय राज्य में 6,41,14,587 मतदाता थे। करीब 74,07,207 नाम हटाए गए। अब कुल 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं।
75 हजार बूथ, हर बूथ पर वेबकास्टिंग
CEC ने बताया कि राज्य में करीब 75,000 पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें से 44,000 ग्रामीण क्षेत्रों में होंगे।
हर बूथ पर औसतन 756 मतदाता होंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 100% वेबकास्टिंग की व्यवस्था होगी।
258 बूथ पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित होंगे। 47 बूथ दिव्यांग कर्मियों द्वारा संचालित किए जाएंगे। इसके अलावा 265 मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
तैयारियों की व्यापक समीक्षा
चुनाव आयोग की टीम ने जिला कलेक्टर, एसपी, डीआईजी, आईजी और 24 प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बैठक की।
राज्य सरकार, मुख्य सचिव और DGP के साथ भी समन्वय किया गया। हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 72 देशों के चुनाव अधिकारियों ने भाग लिया। इसमें तमिलनाडु के 10वीं सदी के “कुडावोलाई सिस्टम” का उल्लेख भी किया गया।
सबसे ज्यादा और कम वोटर वाली सीट
सबसे ज्यादा 5,36,991 मतदाता चेंगलपट्टू जिले की शोलिंगनल्लूर विधानसभा सीट पर हैं। वहीं, चेन्नई की हार्बर विधानसभा सीट पर सबसे कम 1,16,896 मतदाता दर्ज किए गए हैं। CEC ने कहा कि तमिलनाडु चुनाव प्रबंधन में रिकॉर्ड कायम करेगा।
उन्होंने मतदाताओं से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। साथ ही प्रवर्तन एजेंसियों को सख्ती से काम करने और वोटरों को लुभाने की गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
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