सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बदला समीकरण
अमेरिका से बड़ी आर्थिक खबर सामने आई है। पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ की वसूली फिलहाल रोक दी गई है। यह फैसला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू हुआ। इसके तुरंत बाद अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा एजेंसी ने स्पष्ट निर्देश जारी किए। दरअसल, ट्रंप प्रशासन ने International Emergency Economic Powers Act यानी IEEPA के तहत विदेशी उत्पादों पर अतिरिक्त टैक्स लगाया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने आपातकालीन शक्तियों के इस्तेमाल को सीमित माना। इसलिए IEEPA से जुड़े टैरिफ को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। अब अमेरिकी पोर्ट्स पर इन टैरिफ की वसूली नहीं की जाएगी। इससे आयातकों और निर्यातकों दोनों को राहत मिली है।
भारतीय उत्पादों को मिलेगा फायदा
इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ भारत को मिल सकता है। पिछले कुछ महीनों से भारतीय कपड़ा, इंजीनियरिंग गुड्स और अन्य विनिर्मित उत्पाद अतिरिक्त शुल्क की वजह से महंगे हो रहे थे। अब स्थिति बदल सकती है। कीमतें कम होंगी। प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी। मांग बढ़ने की संभावना है। निर्यात विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय कंपनियां अब पहले से ज्यादा तेजी से अमेरिकी बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करेंगी। खासकर टेक्सटाइल और लाइट मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़त मिल सकती है।
175 बिलियन डॉलर रिफंड की चर्चा
एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू भी सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार IEEPA टैरिफ के जरिए अमेरिका ने अरबों डॉलर की वसूली की थी। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आयातकों को रिफंड मिल सकता है। हालांकि, पूरी राहत अभी नहीं मिली है। क्योंकि Section 232 of the Trade Expansion Act और Section 301 of the Trade Act के तहत लगाए गए टैरिफ जारी रहेंगे। इसका असर स्टील और एल्युमीनियम जैसे सेक्टरों पर पड़ सकता है। फिलहाल, सामान्य उपभोक्ता उत्पादों के लिए रास्ता साफ होता दिख रहा है। अब नजर आगे की अमेरिकी नीति पर रहेगी।
