अमेरिकी राजदूत के बयान से खाड़ी में भूचाल, 14 मुस्लिम देशों की तीखी प्रतिक्रिया

अमेरिकी राजदूत के बयान पर खाड़ी देशों की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी के बयान के बाद 14 मुस्लिम देशों ने संयुक्त विरोध दर्ज कराया।

इजरायल को ‘पूरा बाइबिल क्षेत्र’ देने वाली टिप्पणी पर सऊदी-UAE समेत कई देश भड़के

इजरायल में अमेरिका के राजदूत Mike Huckabee के एक बयान ने मिडिल ईस्ट में कूटनीतिक हलचल तेज कर दी है। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अगर इजरायल बाइबिल में वर्णित पूरे क्षेत्र पर अधिकार कर ले तो भी ठीक रहेगा। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब गाजा युद्ध और वेस्ट बैंक को लेकर क्षेत्र पहले ही तनाव में है।

किस बयान पर मचा बवाल?

पॉडकास्ट के दौरान बाइबिल की एक आयत का जिक्र हुआ। कुछ व्याख्याओं के अनुसार, इसमें नील नदी से लेकर यूफ्रेट्स नदी तक के क्षेत्र की बात कही जाती है। इस पर हकाबी ने कहा, “अगर वे सब कुछ ले लें तो भी ठीक है।” हालांकि बाद में उन्होंने सफाई दी कि इजरायल ऐसी मांग नहीं कर रहा और उनका बयान अतिशयोक्ति था। फिर भी बयान ने कूटनीतिक आग भड़का दी।

14 मुस्लिम देशों का संयुक्त विरोध

इस टिप्पणी के बाद 12 से अधिक अरब और मुस्लिम देशों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। संयुक्त बयान में इसे “खतरनाक और भड़काऊ” बताया गया इस बयान पर United Arab Emirates, Saudi Arabia, Egypt, Jordan, Turkey, Pakistan, Qatar, Kuwait, Oman, Bahrain, Lebanon, Syria और Palestine समेत कई देशों ने हस्ताक्षर किए। इसके अलावा Organisation of Islamic Cooperation, Arab League और Gulf Cooperation Council ने भी समर्थन दिया।

सऊदी और अन्य देशों की तीखी प्रतिक्रिया

सऊदी अरब ने इसे “गैर-जिम्मेदाराना” बताया। जॉर्डन ने कहा कि यह क्षेत्रीय संप्रभुता पर सीधा हमला है। कुवैत ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कहा। ओमान ने चेतावनी दी कि ऐसे बयान शांति प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाते हैं। मिस्र ने साफ कहा कि इजरायल का कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों या किसी अन्य अरब जमीन पर कोई संप्रभु अधिकार नहीं है।

इजरायल की प्रतिक्रिया और बढ़ता तनाव

फिलिस्तीनी प्राधिकरण ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह बयान पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की उस नीति के खिलाफ है, जिसमें वेस्ट बैंक के विलय का विरोध किया गया था। वहीं इजरायली संसद के स्पीकर अमीर ओहाना ने हकाबी की खुलकर तारीफ की और उन्हें इजरायल का सच्चा समर्थक बताया। हालांकि हकाबी ने बाद में कुछ स्पष्टीकरण दिए, लेकिन अपने मूल बयान से पूरी तरह पीछे नहीं हटे। अब इस बयान के बाद खाड़ी देशों और अमेरिका के रिश्तों में नया तनाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है।

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