अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला!

अमेरिकी हवाई हमले में F-15E और MQ-9 ड्रोन का मिशन दिखाता चित्र
सीरिया में ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ के तहत अमेरिकी हवाई हमले, अनेक ISIS ठिकानों को निशाना बनाया गया।

सीरिया में ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ से ISIS के कई ठिकाने तबाह

अमेरिका ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। यह प्रतिक्रिया पलमायरा हमले के बाद शुरू की गई। दिसंबर 2025 में पलमायरा में हुए हमले में दो अमेरिकी सैनिक और एक इंटरप्रेटर की मौत हो गई थी। इसके बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ का अभियान शुरू किया। इसका मकसद आईएसआईएस को दोबारा मज़बूत होने से रोकना है।

पलमायरा हमले के बाद शुरुआत

सेंटकॉम के अनुसार ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ 19 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ। 13 दिसंबर को पलमायरा में एक हमलावर ने गोलीबारी की थी। उस हमलावर को सीरियाई सुरक्षा बलों में भर्ती बताया गया था और उसके आईएसआईएस से जुड़े होने की बात सामने आई। उस हमलावर को मौके पर ही मार गिराया गया था। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान उसी हमले के जिम्मेदारों को जवाब देने के लिए शुरू किया गया।

फरवरी में 10 सटीक हवाई हमले

अभियान के अगले चरण में 3 से 12 फरवरी के बीच 10 सटीक हवाई हमले किए गए। इन हमलों में आईएसआईएस से जुड़े 30 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें हथियार गोदाम, संचार नेटवर्क और रसद केंद्र शामिल थे।

किन विमानों का इस्तेमाल हुआ

इस अभियान में कई प्रकार के विमान सक्रिय रहे।

  • एफ-15ई स्ट्राइक ईगल
  • ए-10 वार्थॉग
  • एसी-130जे घोस्टराइडर
  • एमक्यू-9 रीपर ड्रोन

इसके अलावा जॉर्डन के एफ-16 विमानों ने भी सहयोग दिया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अब तक कम से कम 50 आईएसआईएस लड़ाकों को मार गिराया या गिरफ्तार किया गया है।

‘हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाया तो जवाब मिलेगा’

सेंटकॉम ने बयान में स्पष्ट कहा कि अगर अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुंचेगा तो जिम्मेदारों को दुनिया के किसी भी हिस्से में ढूंढा जाएगा और जवाब दिया जाएगा। उस समय के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इसे व्यापक युद्ध की शुरुआत नहीं, बल्कि सीमित और निशाना बनाकर की गई कार्रवाई बताया।

5,700 संदिग्धों को इराक भेजा गया

सेंटकॉम ने बताया कि सीरिया में जेलों में बंद 5,700 से अधिक आईएसआईएस संदिग्धों को इराक भेज दिया गया है। इसका उद्देश्य जेलों से भागने की आशंका को कम करना और संगठन को दोबारा मज़बूत होने से रोकना है। अमेरिका का कहना है कि बदलते हालात में आईएसआईएस को फिर से सक्रिय नहीं होने देना उसकी प्राथमिकता है। ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ इसी रणनीति का हिस्सा है।

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