वाराणसी में अपराध पर अंकुश का अमोघ हथियार बना हेल्पलाइन नंबर

Varanasi anti corruption helpline police action
वाराणसी में एंटी करप्शन हेल्पलाइन के जरिए अपराध पर कार्रवाई करती पुलिस

जनता की एक कॉल से हिल रही थानेदारों की कुर्सी, नौ दिनों में 387 शिकायतें दर्ज

वाराणसी में अपराध और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए शुरू किया गया एंटी करप्शन हेल्पलाइन नंबर अब एक मजबूत हथियार बनकर उभरा है। जनता के हाथ में आया यह नंबर न केवल अवैध गतिविधियों पर चोट कर रहा है, बल्कि लापरवाह दारोगा और इंस्पेक्टरों की जवाबदेही भी तय कर रहा है। महज नौ दिनों में दर्ज हुई 387 शिकायतें इस पहल की सफलता को साफ दिखाती हैं।

जनता तक पहुंचा पुलिस का सीधा संवाद

एंटी करप्शन हेल्पलाइन नंबर 9670705555 पर जुआ, सट्टा, अवैध शराब, स्पा सेंटर और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़ी सूचनाएं सीधे पुलिस कमिश्नर तक पहुंच रही हैं। पहले जो शिकायतें थाने-चौकी में दब जाती थीं, अब वे उच्च स्तर पर सुनी जा रही हैं। यही कारण है कि प्रतिदिन औसतन 43 शिकायतें दर्ज हो रही हैं और इनमें से अधिकांश सही पाई जा रही हैं।

24×7 हुआ हेल्पलाइन का संचालन

शुरुआत में यह हेल्पलाइन केवल एक घंटे के लिए सक्रिय थी, लेकिन लगातार मिल रही शिकायतों और उनकी गंभीरता को देखते हुए इसे 24 घंटे, सातों दिन के लिए सक्रिय कर दिया गया। हर शिकायत को कंप्यूटर में दर्ज किया जा रहा है और गोपनीय तरीके से उसकी निगरानी हो रही है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

सात जनवरी को गठित हुआ एंटी करप्शन सेल

कमिश्नरेट पुलिस ने सात जनवरी को एंटी करप्शन सेल का गठन किया था। इसका उद्देश्य पुलिस में भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण करना है। रणनीति साफ है कि जब पुलिसकर्मी जवाबदेह होंगे, तभी आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस करेगी।

दो टीमों में बंटा काम, नतीजे साफ

एंटी करप्शन सेल के तहत दो अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। एक टीम भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का काम कर रही है, जबकि दूसरी टीम अवैध गतिविधियों की रोकथाम में जुटी है। आंकड़ों के मुताबिक 15 प्रतिशत शिकायतें जुआ, सट्टा और अवैध व्यापार से जुड़ी हैं, 18 प्रतिशत ट्रैफिक और अतिक्रमण से संबंधित हैं, जबकि 62 प्रतिशत मामले संपत्ति विवाद, मारपीट और लेनदेन से जुड़े हैं।

कार्रवाई में तेजी, जनता में भरोसा

अब तक 65 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण 24 घंटे के भीतर किया जा चुका है। जुआ के 38 मामलों में 183 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, वहीं अवैध शराब के 37 मामलों में 292 लीटर शराब बरामद की गई है। इसके अलावा अवैध शस्त्र, प्रतिबंधित मांझा, गोवंश वध और देह व्यापार के मामलों में भी सख्त कार्रवाई हुई है।

भयमुक्त समाज की ओर कदम

पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल का कहना है कि हर आधे घंटे में हेल्पलाइन पर कॉल आ रही है। लोग न केवल अपराध, बल्कि अपनी निजी समस्याएं भी साझा कर रहे हैं। उनका मानना है कि जनता की भागीदारी से ही एक भयमुक्त समाज का निर्माण संभव है और यह हेल्पलाइन उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।

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