विशेष गहन पुनरीक्षण में सामने आईं गड़बड़ियां
उत्तर प्रदेश के Varanasi में निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत बड़ी कार्रवाई की है। इस प्रक्रिया में 1 लाख 62 हजार मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। दरअसल इन मतदाताओं का विवरण वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खा रहा है। फिलहाल सुनवाई और निस्तारण की प्रक्रिया जारी है। संबंधित पोर्टल भी खुला हुआ है ताकि लोग अपने दस्तावेज जमा कर सकें।
उम्र और रिश्तों में तार्किक विसंगति
जांच के दौरान कई चौंकाने वाली विसंगतियां सामने आईं। कुछ मामलों में बेटे की उम्र पिता से ज्यादा पाई गई। वहीं कई जगह पिता-पुत्र के बीच उम्र का अंतर केवल 12 से 14 साल दर्ज है। जबकि आयोग के नियमों के अनुसार यह अंतर कम से कम 15 वर्ष होना चाहिए। ऐसे मामलों में मतदाताओं से साक्ष्य मांगे जा रहे हैं। उनसे पिता का आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य पहचान पत्र प्रस्तुत करने को कहा गया है। अब तक 9 लाख 49 हजार 114 मतदाता तार्किक विसंगति की श्रेणी में पाए गए हैं। इन सभी को सुधार के लिए नोटिस जारी किया गया है।
नाम और स्पेलिंग की भी हो रही जांच
आयोग ने नाम और टाइटिल की गड़बड़ियों पर भी ध्यान दिया है। उदाहरण के तौर पर, विनोद की जगह बिनोद लिखा होना या उपनाम में बदलाव दर्ज होना। ऐसे मामलों में संबंधित बीएलओ द्वारा प्रमाण पत्र के आधार पर सुधार की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
BLO बोले, मतदाता नहीं दे रहे सहयोग
इस पूरे अभियान में बीएलओ को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कई मतदाता सहयोग नहीं कर रहे हैं। कुछ लोग तो यह भी कह रहे हैं कि वे वोट नहीं देना चाहते। ऐसे में बीएलओ को घर-घर जाकर संपर्क करना पड़ रहा है। कई मामलों में व्हाट्सएप के माध्यम से भी दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना है। हालांकि सहयोग की कमी के कारण प्रक्रिया धीमी पड़ रही है। अब देखना होगा कि निर्धारित समय सीमा में कितने मामलों का निस्तारण हो पाता है।
