190 रन और 20 विकेट, जज्बा हो तो ऐसा, शिवहर के विवेक आनंद ने रचा इतिहास

Vivek Anand cricket match performance for Bihar team
विजय मर्चेंट ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करते शिवहर के विवेक आनंद

किसान परिवार से निकलकर बिहार टीम तक का सफर, विजय मर्चेंट ट्रॉफी में ऑलराउंडर चमक

बिहार के शिवहर जिले से एक नई क्रिकेट प्रतिभा उभरकर सामने आई है। यह नाम है विवेक आनंद। उन्होंने कम उम्र में बड़ा कारनामा कर दिखाया है। मालिपोखभीण्डा वार्ड-2 जैसे छोटे ग्रामीण इलाके से आने वाले विवेक ने साबित किया है कि सपनों की उड़ान संसाधनों पर निर्भर नहीं करती। वह एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। लेकिन उनका हौसला असाधारण है।

पढ़ाई के साथ क्रिकेट का संतुलन

विवेक की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल में हुई। वर्तमान में वह श्री नवाब हाई स्कूल, शिवहर में कक्षा 9 के छात्र हैं। हालांकि पढ़ाई के साथ क्रिकेट के प्रति उनका जुनून हमेशा कायम रहा। उनके पिता अशोक सिंह किसान हैं। साथ ही पूर्व मुखिया भी रह चुके हैं। मां अनुराधा देवी गृहिणी हैं। परिवार ने सीमित साधनों में भी बेटे का पूरा साथ दिया।

जिला स्तर से राज्य स्तर तक दमदार प्रदर्शन

विवेक ने 2023 में वैशाली में जिला स्तरीय प्रतियोगिता से शुरुआत की। इसके बाद 2024 में बेगूसराय में 127 रन की शानदार पारी खेली। यहीं से उनके लिए राज्य स्तर का रास्ता खुला। 6 दिसंबर 2024 से शुरू हुई प्रतियोगिताओं में उन्होंने बिहार टीम का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने त्रिपुरा, सिक्किम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के खिलाफ अहम भूमिका निभाई।

विजय मर्चेंट ट्रॉफी में ऐतिहासिक प्रदर्शन

7 से 31 दिसंबर 2024 तक आयोजित Vijay Merchant Trophy विवेक के करियर का टर्निंग प्वाइंट बना। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में उन्होंने 190 रन बनाए। साथ ही 20 विकेट भी झटके। उनका ऑलराउंडर प्रदर्शन चर्चा का विषय बना। बिहार टीम ने पंजाब, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पुडुचेरी और राजस्थान जैसी मजबूत टीमों को हराया। अंततः टीम चैंपियन बनी।

परिवार का सहयोग और भविष्य का लक्ष्य

महज 16 साल की उम्र में विवेक अपने लक्ष्य को लेकर स्पष्ट हैं। उन्हें क्रिकेट में ही करियर बनाना है। वह अपनी सफलता का श्रेय परिवार और कोच को देते हैं। मां की आंखों में खुशी है। पिता के चेहरे पर गर्व है। शिवहर को इस युवा खिलाड़ी से बड़ी उम्मीदें हैं। Vivek Anand Cricket Journey केवल एक खिलाड़ी की कहानी नहीं है। यह संघर्ष, अनुशासन और विश्वास की मिसाल है। संकेत साफ हैं कि यह युवा जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाएगा।

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