दूषित पानी से संक्रमण का शक, जांच में Hepatitis C की पुष्टि
हरियाणा के फरीदाबाद जिले के पलवल क्षेत्र के छायंसा गांव में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। पिछले 15 दिनों में 12 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, कई ग्रामीण बीमार हैं। गांव में डर और अनिश्चितता का माहौल है। सबसे पहले लोगों में बुखार के लक्षण दिखे। इसके बाद उल्टी और दस्त की शिकायत बढ़ी। साथ ही कई मरीजों में पीलिया के संकेत भी मिले। इसलिए डॉक्टरों ने पानी से फैलने वाली बीमारी की आशंका जताई। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव में डेरा डाले हुए है। अब तक करीब 1500 लोगों की जांच की जा चुकी है। जांच रिपोर्ट में Hepatitis C के मामले सामने आए हैं। हालांकि, संक्रमण का सटीक स्रोत जानने के लिए और जांच जारी है।
कैसे फैलता है Waterborne Disease Outbreak
विशेषज्ञों के अनुसार दूषित पानी सबसे बड़ा कारण हो सकता है। अगर सीवर लाइन और पानी की पाइपलाइन पास-पास हों, तो लीकेज से गंदा पानी सप्लाई में मिल सकता है। इसके बाद संक्रमण तेजी से फैलता है। इसके अलावा, संक्रमित व्यक्ति के मल-मूत्र से भी पानी दूषित हो सकता है। फिर वही पानी पूरे गांव में बीमारी फैला देता है। दूसरी ओर Hepatitis B और C संक्रमित खून या सुई से भी फैल सकते हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग सभी संभावनाओं की जांच कर रहा है।
क्या हैं प्रमुख लक्षण
मरीजों में तेज बुखार देखा गया है। साथ ही उल्टी और लगातार दस्त की शिकायत है। कई लोगों की आंखें और त्वचा पीली पड़ रही है। इसके अलावा कमजोरी और पेट दर्द भी आम लक्षण हैं। अगर समय पर इलाज न मिले, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए डॉक्टर तुरंत जांच कराने की सलाह दे रहे हैं।
बचाव ही सबसे बड़ा उपाय
सबसे जरूरी है साफ पानी का उपयोग। पानी को उबालकर या फिल्टर कर ही पीना चाहिए। साथ ही पानी की टंकियों की नियमित सफाई जरूरी है। खुले में शौच से बचना भी बेहद अहम है। डॉक्टरों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। अगर संक्रमण का स्रोत खत्म कर दिया जाए, तो बीमारी पर काबू पाया जा सकता है।
