डॉक्टर ने बताया, पसीना कैसे रखता है शरीर ठंडा और किन बीमारियों से मिलता है बचाव
पसीना आना भले ही कई लोगों को परेशानी जैसा लगे, लेकिन असल में यह शरीर का सबसे प्राकृतिक और जरूरी सुरक्षा तंत्र है। पसीना न सिर्फ शरीर को ठंडा रखता है, बल्कि कई गंभीर बीमारियों से बचाव में भी अहम भूमिका निभाता है। एनआईआईएमएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा की सहायक प्रोफेसर डॉ. सुमोल रत्ना बताती हैं कि नियमित रूप से पसीना बहना अच्छे स्वास्थ्य का संकेत है।
पसीना आता क्यों है?
जब हमारा शरीर गर्म होता है या हम मेहनत का काम करते हैं, तब शरीर अतिरिक्त गर्मी बाहर निकालने के लिए पसीना पैदा करता है। जैसे ही पसीना त्वचा से सूखता है, शरीर ठंडा हो जाता है। यह प्रक्रिया शरीर को ओवरहीट होने से बचाती है और आंतरिक संतुलन बनाए रखती है।
दिनभर में कितना पसीना आना चाहिए?
डॉ. रत्ना के अनुसार, रोज़मर्रा की हल्की-मध्यम गतिविधियों में पसीना आना सामान्य और फायदेमंद है। यदि कोई व्यक्ति रोज़ 30 से 60 मिनट तक टहलता है, योग करता है या घरेलू काम करता है, तो पसीना आना शरीर के सही काम करने का संकेत है। हालांकि, बहुत अधिक पसीना आने पर शरीर में पानी की कमी हो सकती है, इसलिए तरल पदार्थ लेना जरूरी है।
पसीना बहने के मुख्य फायदे
पसीना शरीर के तापमान को संतुलित रखता है और गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाता है। इसके अलावा, पसीने से त्वचा के रोमछिद्र खुलते हैं, जिससे गंदगी बाहर निकलती है और त्वचा साफ व स्वस्थ रहती है। साथ ही, पसीने के जरिए कुछ हानिकारक तत्व भी शरीर से बाहर निकल जाते हैं।
किन बीमारियों में मिलता है फायदा?
नियमित पसीना बहने से मोटापा नियंत्रित करने में मदद मिलती है। डायबिटीज़ के मरीजों में यह ब्लड शुगर को संतुलित रखने में सहायक है। हाई ब्लड प्रेशर में हल्की-मध्यम शारीरिक गतिविधि और पसीना रक्तचाप को स्थिर करने में मदद करता है। दिल की सेहत के लिए भी यह बेहद फायदेमंद है। कुछ मामलों में माइग्रेन और तनाव में भी पसीना राहत पहुंचाता है, क्योंकि इससे हैप्पी हार्मोन बढ़ते हैं।
पसीना बहाने का सही तरीका
रोज़ाना टहलना, योग, घर या खेत का काम, खेलकूद या नृत्य जैसी गतिविधियां शरीर को सक्रिय रखती हैं और पसीना लाने में मदद करती हैं। पसीना बहने के बाद पानी, नींबू पानी या नारियल पानी पीना बेहद जरूरी है।
कब हो सकता है नुकसान?
अगर बिना मेहनत किए बहुत ज्यादा पसीना आए, चक्कर, कमजोरी या घबराहट महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
