बिहार के सतेंद्र यादव की कहानी, खेती से बिजनेस तक का सफर और महीने का 25 लाख का टर्नओवर
डिजिटल दौर में यूट्यूब सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रहा। यह कई लोगों की जिंदगी बदलने का जरिया भी बन रहा है। बिहार के सहरसा जिले के मधेपुरा प्रखंड स्थित झिटकिया गांव के किसान सतेंद्र यादव इसकी जीती-जागती मिसाल हैं। पारंपरिक खेती से सीमित आमदनी करने वाले सतेंद्र यादव आज मखाना कारोबार के जरिए लाखों रुपये का टर्नओवर हासिल कर रहे हैं।
पारंपरिक खेती से थी सीमित कमाई
सतेंद्र यादव पहले सिर्फ खेती पर निर्भर थे। आमदनी कम थी और भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहती थी। मौसम और बाजार की मार के कारण खेती से ज्यादा मुनाफा नहीं हो पाता था। ऐसे में वह कुछ नया करने की सोच रहे थे, लेकिन सही दिशा नहीं मिल पा रही थी।
यूट्यूब वीडियो से बदली सोच
इसी बीच खाली समय में मोबाइल पर यूट्यूब देखते हुए उन्होंने मखाना कारोबार से जुड़ा एक वीडियो देखा। वीडियो में कम लागत और अच्छे मुनाफे की जानकारी दी गई थी। इसके बाद उन्होंने मखाना उद्योग के बारे में रिसर्च शुरू की। धीरे-धीरे उन्हें विश्वास होने लगा कि यह बिजनेस गांव में रहकर भी किया जा सकता है।
2023 में रखी कारोबार की नींव
साल 2023 में सतेंद्र यादव ने “पाटलिपुत्र फूड इंडस्ट्रीज” के नाम से मखाना कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती दौर में चुनौतियां जरूर आईं। मशीन, मार्केटिंग और पैकेजिंग पर काफी मेहनत करनी पड़ी। हालांकि, लगातार प्रयोग और क्वालिटी पर ध्यान देने से उनका प्रोडक्ट लोगों को पसंद आने लगा।
फ्लेवर्ड मखानों की बढ़ी मांग
आज सतेंद्र यादव के यहां पुदीना मखाना, ओनियन क्रीम मखाना, पेरी-पेरी मखाना सहित कई फ्लेवर के मखाने तैयार होते हैं। यह मखाने स्वाद के साथ सेहत का भी ध्यान रखते हैं। इसी वजह से इनकी मांग लगातार बढ़ रही है।
12 लोगों को मिला रोजगार
सतेंद्र यादव के उद्योग में फिलहाल 12 लोग काम कर रहे हैं। इससे गांव के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है। उनका प्रोडक्ट सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि मुंबई, दिल्ली, पटना, कोलकाता और झारखंड जैसे बड़े शहरों में भी सप्लाई किया जा रहा है।
महीने का 25 लाख रुपये का टर्नओवर
कारोबार की बात करें तो उनका मखाना बिजनेस हर महीने 20 से 25 लाख रुपये का टर्नओवर कर रहा है। वह मानते हैं कि सही जानकारी, डिजिटल प्लेटफॉर्म और मेहनत के दम पर गांव से भी बड़ा बिजनेस खड़ा किया जा सकता है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
सतेंद्र यादव की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो रोजगार की तलाश में हैं। उनका कहना है कि अगर सीखने की इच्छा हो, तो यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म जिंदगी बदल सकते हैं।
