CBSE का सख्त आदेश: स्कूलों को 15 फरवरी तक मिला अल्टीमेटम

CBSE द्वारा स्कूलों के लिए जारी दिशा-निर्देश से जुड़ी प्रतीकात्मक तस्वीर
CBSE ने एफिलिएटेड स्कूलों को 15 फरवरी तक जानकारी अपडेट करने का आदेश दिया

शिक्षकों की योग्यता, इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं की पूरी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य

नई दिल्ली। शिक्षकों की योग्यता और स्कूलों में पारदर्शिता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच Central Board of Secondary Education (CBSE) ने अपने सभी एफिलिएटेड स्कूलों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्कूलों को 15 फरवरी तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि वे अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर शिक्षकों और स्कूल से जुड़ी सभी अनिवार्य जानकारियां अपडेट करें।

निर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक CBSE स्कूल को बच्चों को पढ़ाने वाले अध्यापकों की शैक्षणिक योग्यता, विषयवार विवरण, स्कूल का शैक्षणिक ढांचा, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं और अन्य जरूरी जानकारियां सार्वजनिक करनी होंगी। यह आदेश ऐसे समय में आया है, जब केंद्र सरकार ने राज्यों से कक्षा 8वीं तक पढ़ाने वाले अध्यापकों की जानकारी मांगी है और टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) को लेकर भी सख्ती बढ़ाई जा रही है।

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हालांकि CBSE के एफिलिएशन नियमों में पहले से ही इन जानकारियों को सार्वजनिक करने का प्रावधान है, लेकिन बोर्ड के संज्ञान में आया है कि कई स्कूल इन नियमों का गंभीरता से पालन नहीं कर रहे थे। जानकारी के अभाव में अभिभावकों को स्कूल चयन के दौरान सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है, क्योंकि वे विभिन्न स्कूलों की सुविधाओं और शिक्षण गुणवत्ता की तुलना नहीं कर पाते।

इस समस्या को दूर करने के लिए बोर्ड ने न केवल सख्त समय सीमा तय की है, बल्कि स्कूलों की सुविधा के लिए एक निर्धारित फॉर्मेट भी जारी किया है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि किन-किन जानकारियों को पोर्टल पर साझा करना अनिवार्य है। CBSE ने चेतावनी दी है कि यदि कोई स्कूल 15 फरवरी तक निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो इसे एफिलिएशन नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित स्कूल पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।