चंडीगढ़ को आज मिलेगा नया मेयर

Councillors voting in Chandigarh mayor election
चंडीगढ़ नगर निगम में नए मेयर के लिए मतदान

सुबह 11 बजे से वोटिंग, पहली बार 3 पार्टियां मैदान में; सीक्रेट बैलेट की जगह हाथ खड़े कर मतदान

चंडीगढ़ शहर को आज उसका नया मेयर मिल जाएगा। यह नगर निगम का 29वां मेयर होगा। इस बार मेयर चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक रहने वाला है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि 1996 से चली आ रही सीक्रेट बैलेट प्रणाली को खत्म कर दिया गया है। अब पार्षद बैलेट पेपर से नहीं, बल्कि हाथ खड़ा कर मतदान करेंगे। मतदान की प्रक्रिया सुबह 11 बजे शुरू होगी। मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर—तीनों पदों के लिए एक-एक कर वोटिंग कराई जाएगी। जिस उम्मीदवार के समर्थन में सबसे ज्यादा हाथ उठेंगे, उसे विजयी घोषित किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया पर कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। अगर सब कुछ तय समय पर रहा, तो दोपहर 12:30 बजे तक शहर को नया नेतृत्व मिल सकता है।

तीन पार्टियां मैदान में, समीकरण रोचक

इस बार चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस—तीनों मैदान में हैं। 2021 में चुने गए पार्षदों के लिए यह आखिरी मेयर चुनाव होगा। इसके बाद नगर निगम चुनाव नए सिरे से होंगे। मौजूदा स्थिति में BJP सबसे मजबूत नजर आ रही है। हालांकि AAP के लिए मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। पार्टी से नाराज राम चंदर यादव ने डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल किया था और बाद में पार्टी से दूरी बना ली। वे पार्टी की अहम बैठक में भी शामिल नहीं हुए। उन्हें मनाने की कोशिशें देर रात तक चलती रहीं।

वोटों का गणित क्या कहता है?

वर्तमान में BJP के पास 18 पार्षद हैं। AAP के पास 11 और कांग्रेस के पास 6 पार्षद हैं। चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी को एक्स-ऑफिशियो सदस्य के रूप में वोट का अधिकार है, जिससे कांग्रेस के वोट 7 हो जाते हैं। अगर AAP और कांग्रेस अलग-अलग चुनाव लड़ती हैं, तो तीनों पदों पर BJP की जीत लगभग तय मानी जा रही है। लेकिन यदि दोनों गठबंधन का ऐलान कर दें और AAP अपने नाराज पार्षदों को मना ले, तो मुकाबला बराबरी का हो सकता है। ऐसी स्थिति में BJP और AAP-कांग्रेस गठबंधन—दोनों के पास 18-18 वोट होंगे।

बड़े नेता पूरे दिन रहे सक्रिय

बुधवार को पूरे दिन राजनीतिक हलचल तेज रही। AAP के जरनैल सिंह, BJP के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े और कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी लगातार बैठकों और रणनीति में जुटे रहे। सभी दल अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने की कोशिश करते दिखे।

हाथ खड़े कर वोटिंग क्यों?

पहले मेयर चुनाव गुप्त मतदान से होते थे। इसमें कई बार क्रॉस-वोटिंग और विवाद सामने आए। 2024 के चुनाव में मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। इन्हीं अनुभवों के बाद इस बार पारदर्शिता बढ़ाने के लिए हाथ खड़े कर वोटिंग का फैसला लिया गया है।

अब सबकी नजर आज के नतीजों पर

चंडीगढ़ को आज नया मेयर मिलेगा, लेकिन सवाल यही है कि सत्ता BJP के हाथ में रहेगी या कोई नया राजनीतिक समीकरण इतिहास रचेगा।

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