दो साल में नौवीं आत्महत्या, कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य पर गहराता संकट
IIT Kanpur में एक और छात्र की दर्दनाक मौत
देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान IIT Kanpur से एक बार फिर दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। विज्ञान विभाग में पीएचडी कर रहे 25 वर्षीय छात्र स्वरूप ईश्वराम ने छठी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे कैंपस में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।
राजस्थान से कानपुर तक का सफर
स्वरूप ईश्वराम मूल रूप से राजस्थान के चूरू जिले के विद्यासर क्षेत्र के गिरिवरसर गांव के रहने वाले थे। वह अपनी पत्नी के साथ आईआईटी परिसर में ही रहते थे। परिजनों और पत्नी के अनुसार, स्वरूप पिछले कुछ समय से एंजाइटी की समस्या से जूझ रहे थे। हालांकि, आत्महत्या के पीछे के अन्य कारणों की जांच पुलिस और संस्थान प्रशासन कर रहा है।
कैंपस में मचा हड़कंप
मंगलवार शाम जैसे ही घटना की जानकारी मिली, आईआईटी प्रशासन, छात्र और स्टाफ मौके पर पहुंच गए। छात्र की हालत बेहद नाजुक थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद संस्थान प्रशासन ने आंतरिक स्तर पर समीक्षा शुरू की।
दो साल में नौ आत्महत्याएं, सवालों के घेरे में सिस्टम
IIT Kanpur में बीते दो वर्षों में यह नौवीं आत्महत्या की घटना है। दिसंबर 2023 से अब तक लगातार सामने आ रहे मामलों ने संस्थान की काउंसलिंग और छात्र सहयोग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले भी कई बार छात्रों ने पढ़ाई का दबाव, मानसिक तनाव और अकेलेपन की शिकायतें उठाई हैं।
पहले भी जा चुकी हैं कई जानें
29 दिसंबर 2025 को बीटेक फाइनल ईयर के छात्र जयसिंह मीणा ने हॉस्टल में आत्महत्या की थी। बैक पेपर और प्लेसमेंट में शामिल न हो पाने का तनाव इसकी वजह बताया गया था। इससे पहले पीएचडी, एमटेक और बीटेक के कई छात्र-छात्राएं अपनी जान गंवा चुके हैं।
प्रशासनिक कदम, फिर भी चिंता बरकरार
आईआईटी प्रशासन ने पहले काउंसलिंग सेंटर में मनोवैज्ञानिकों की संख्या बढ़ाकर 10 की थी और ओपन हाउस चर्चा भी कराई गई थी। बावजूद इसके, आत्महत्या की घटनाएं थम नहीं रही हैं। अब एक बार फिर छात्र मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बहस तेज हो गई है।
