आने वाले 10 वर्षों में इंडियन एयरफोर्स का ऐसा कायाकल्प, जिससे पाकिस्तान ही नहीं चीन की भी बढ़ेगी चिंता
Indian Air Force के लिए बदलने वाली है तस्वीर
इसमें कोई शक नहीं है कि मौजूदा समय में Indian Air Force कई गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। फाइटर जेट्स की कमी लंबे समय से एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है। देसी फाइटर प्रोग्राम अपेक्षित रफ्तार से आगे नहीं बढ़ पाया है। वहीं रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते हथियारों की सप्लाई में देरी हुई है। दूसरी तरफ, चीन और पाकिस्तान की बढ़ती सैन्य नजदीकी भारत के लिए नई रणनीतिक चुनौती बनकर उभरी है। हालांकि, इन सबके बीच भारत को ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। अगले 10 वर्षों में एयरफोर्स की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है। भारत सुपर एयर पावर बनने की दिशा में ठोस कदम उठा चुका है और इसके नतीजे जल्द नजर आने लगेंगे।
2035 तक भारत बनेगा Super Air Power
सरकारी और रक्षा सूत्रों के मुताबिक, 2035 तक Indian Air Force के बेड़े में करीब 150 राफेल फाइटर जेट, 60 पांचवीं पीढ़ी के रूसी सुखोई-57, दुनिया के सबसे ताकतवर एयर डिफेंस सिस्टम S-400 की 10 यूनिट, 210 से ज्यादा देसी तेजस और करीब 40 AMCA शामिल होंगे। इस फ्यूचर प्लानिंग को देखकर यह साफ है कि आने वाले समय में पाकिस्तान ही नहीं चीन की भी रणनीतिक मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
150 Rafale से मिलेगी जबरदस्त मारक क्षमता
भारत के पास फिलहाल 36 राफेल जेट मौजूद हैं। अब फ्रांस से 114 और राफेल खरीदने की डील अंतिम चरण में है। इस डील पर अगले कुछ महीनों में हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। शुरुआती राफेल फ्रांस से सीधे आएंगे, जबकि बाकी भारत में ही बनाए जाएंगे। यह डील करीब तीन लाख करोड़ रुपये की बताई जा रही है। इसके अलावा, नौसेना के लिए 26 मरीन राफेल की खरीद भी हो चुकी है।
60 Sukhoi-57 से 5th Generation ताकत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत रूस से 60 सुखोई-57E फाइटर जेट खरीदने की तैयारी में है। ये पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर हैं, जो चीन-पाकिस्तान की जुगलबंदी को सीधी चुनौती देंगे। माना जा रहा है कि HAL के पास पहले से ही सुखोई-30 MKI बनाने का अनुभव है, जिससे सुखोई-57 का निर्माण आसान हो सकता है।
10 S-400 से अभेद्य सुरक्षा
भारत सिर्फ हमला ही नहीं, मजबूत डिफेंस पर भी फोकस कर रहा है। S-400 एयर डिफेंस सिस्टम इसके लिए अहम भूमिका निभाएगा। अब तक तीन यूनिट मिल चुकी हैं और बाकी जल्द मिलने वाली हैं। इसके अलावा, पांच और S-400 खरीदने की योजना है, जिससे कुल संख्या 10 हो जाएगी।
Tejas और AMCA से आत्मनिर्भर भारत
तेजस MK-1A, MK-2 और देसी पांचवीं पीढ़ी का AMCA प्रोजेक्ट भारत की आत्मनिर्भर रक्षा नीति का प्रतीक है। 2035 तक 40 AMCA के शामिल होने से भारत तकनीकी रूप से चीन के J-35 से भी आगे निकल सकता है।
