कुमार विश्वास का तंज, “कमलनाथ की बारात से बाराती गायब”

Kumar Vishwas speech Bhopal Kavi Sammelan political satire
भोपाल के कवि सम्मेलन में कुमार विश्वास ने राजनीति पर तंज कसा

भोपाल कवि सम्मेलन में राजनीति पर व्यंग्य, सिंधिया पर भी कविता से कटाक्ष

कवि सम्मेलन में राजनीति पर तीखा व्यंग्य

भोपाल के अटल पथ पर आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में मशहूर कवि कुमार विश्वास ने राजनीति पर जमकर तंज कसा। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि पहले की राजनीति अलग थी। अब हालात बदल चुके हैं। उन्होंने अपने अंदाज में मौजूदा राजनीति पर व्यंग्य किया और दर्शकों को खूब हंसाया।

कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर कटाक्ष

कुमार विश्वास ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कमलनाथ की “बारात” मुश्किल से निकली थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आगे-आगे दिग्विजय सिंह चल रहे थे। लेकिन पीछे के “बाराती” बीजेपी अपने साथ ले गई। जब पीछे देखा गया तो बारात में गिने-चुने लोग ही बचे थे। इस टिप्पणी पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने खूब ठहाके लगाए।

राम भजन और अंतरराष्ट्रीय राजनीति का जिक्र

कार्यक्रम के दौरान कुमार विश्वास ने केवल भारतीय राजनीति ही नहीं, बल्कि राम भजन और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र करते हुए वैश्विक राजनीति पर भी टिप्पणी की। उनके व्यंग्य और प्रस्तुति शैली ने पूरे कार्यक्रम को रोचक बना दिया।

कौशलेंद्र की कविता में सिंधिया पर तंज

वहीं, कवि कौशलेंद्र ने भी अपनी रचना के जरिए माहौल को हल्का-फुल्का बनाए रखा। उन्होंने कहा, “सच को दिखा सकूं मीडिया ही बना दो, रंग ऐसे भरो मुझको इंडिया बना दो, मैं जिस जगह रहूं उस जगह मौज में रहूं, भगवान मुझको आप ज्योतिरादित्य सिंधिया ही बना दो।” उनकी इस कविता पर भी दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं।

Read More :- धुरंधर 2 में नए विलेन की एंट्री, हमजा की बढ़ी मुश्किलें