SC से मुकेश मल्होत्रा को राहत, विधायकी बरकरार लेकिन अधिकार सीमित

Mukesh Malhotra Supreme Court relief Vijaypur MLA case
सुप्रीम कोर्ट से मुकेश मल्होत्रा को राहत, विधायकी बरकरार

हाईकोर्ट का फैसला रद्द, राज्यसभा वोटिंग और वेतन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट से जुड़े विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा की विधायकी को बरकरार रखा है। साथ ही मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को खारिज कर दिया है, जिसमें रामनिवास रावत को विधायक घोषित किया गया था। इस फैसले से मल्होत्रा को बड़ी राहत मिली है।

कोर्ट ने लगाईं दो अहम शर्तें

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने राहत के साथ कुछ शर्तें भी लागू की हैं। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला आने तक मुकेश मल्होत्रा सीमित अधिकारों के साथ विधायक बने रहेंगे। वह राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं डाल सकेंगे। इसके अलावा उन्हें विधायक के तौर पर मिलने वाला वेतन और भत्ते भी नहीं दिए जाएंगे। यानी उनकी विधायकी बरकरार रहेगी, लेकिन अधिकारों पर अस्थायी रोक रहेगी।

वकील की दलीलों से मिली राहत

सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने मुकेश मल्होत्रा का पक्ष रखा। उनकी दलीलों के आधार पर अदालत ने हाईकोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी। तब तक यह अंतरिम व्यवस्था लागू रहेगी।

विधायक का बयान और प्रतिक्रिया

फैसले के बाद मुकेश मल्होत्रा ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से संतुष्ट हैं। उन्होंने इसे जनता की जीत बताया। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही उन्हें वेतन और विधायक निधि नहीं मिलेगी, लेकिन वह क्षेत्र के विकास के लिए काम करते रहेंगे। साथ ही सदन में जनता के मुद्दे उठाते रहेंगे।

क्या था पूरा मामला

दरअसल, पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कथित रूप से आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने के आरोप में मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त कर दिया था। इसके बाद रामनिवास रावत को विजेता घोषित किया गया था। हाईकोर्ट ने मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए 15 दिन का समय दिया था। उसी के तहत उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और अब उन्हें राहत मिली है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि भी रही चर्चा में

मुकेश मल्होत्रा पहले भाजपा से जुड़े थे। बाद में उन्होंने कांग्रेस जॉइन की। विजयपुर सीट पर आदिवासी वोटों की बड़ी भूमिका रही है। इसी वजह से यह मामला राजनीतिक रूप से भी काफी अहम बन गया था। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस विवाद में नया मोड़ आ गया है।

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