LPG दबाव के बीच PNG को बढ़ावा, जमाखोरी रोकने के लिए सख्ती
पश्चिम एशिया तनाव से बढ़ा गैस संकट
भारत में LPG सप्लाई पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण आयात प्रभावित हुआ है, जिससे स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। भारत अपनी करीब 60% LPG जरूरत आयात से पूरी करता है। ऐसे में सप्लाई बाधित होने से संकट गहराया है। हालांकि भारत सरकार ने हालात को संभालने के लिए कई कदम उठाए हैं। सबसे पहले घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
PNG को बढ़ावा, राज्यों को प्रोत्साहन
सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। जिन क्षेत्रों में PNG उपलब्ध है, वहां लोगों से LPG की जगह PNG अपनाने की अपील की गई है। इसके अलावा जो राज्य PNG नेटवर्क को तेजी से बढ़ाएंगे, उन्हें 10% अतिरिक्त कमर्शियल LPG देने की योजना बनाई गई है। साथ ही राज्यों को मंजूरी प्रक्रिया तेज करने और चार्ज कम करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे गैस की मांग और सप्लाई के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है।
सप्लाई स्थिर, लेकिन जमीनी दिक्कतें बरकरार
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार देश में LPG सप्लाई फिलहाल स्थिर है और कहीं भी पूरी तरह खत्म होने की स्थिति नहीं है। ऑनलाइन बुकिंग 94% तक पहुंच गई है और घबराहट में बुकिंग कम हुई है। एक दिन में 57 लाख से ज्यादा रिफिल बुकिंग दर्ज की गई हैं। हालांकि कुछ जगहों पर समस्या की खबरें भी सामने आई हैं। जैसे मेरठ में जिला अस्पताल में गैस की कमी की शिकायत सामने आई। वहीं अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
🔹 Interheading: राज्यों की चिंता और मांग
इस बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर बेंगलुरु में कमर्शियल LPG और ऑटो LPG की कमी पर चिंता जताई है। उन्होंने इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता देने के फैसले के बाद अन्य सेक्टर में दबाव बढ़ा है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि LPG की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई जाए। 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। वहीं कई जिलों में निगरानी समितियां सक्रिय की गई हैं। सरकार ने कहा है कि डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास पर्याप्त स्टॉक है और डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है।
असम में PNG कनेक्शन बढ़ाने की योजना
असम सरकार ने भी इस संकट के बीच PNG को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। जून तक सात जिलों में 12,500 नए PNG कनेक्शन देने की योजना बनाई गई है। इसमें गुवाहाटी, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, जोरहाट, शिवसागर, गोलाघाट और सोनितपुर शामिल हैं। इससे LPG पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
कूटनीतिक स्तर पर भी प्रयास जारी
संकट को देखते हुए भारत कूटनीतिक स्तर पर भी सक्रिय है। पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर रखते हुए बातचीत के जरिए सप्लाई चेन को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। सरकार का कहना है कि जल्द ही स्थिति में सुधार लाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
