रेलवे कर्मचारियों को बड़ी राहत, ट्रांसरेलवे बोर्ड का बड़ा फैसला
भारतीय रेलवे के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। रेलवे बोर्ड ने 18 मार्च को नया आदेश जारी किया है। इसके तहत अब ट्रांसफर होने पर कर्मचारियों को अपना पुराना रेलवे क्वार्टर खाली नहीं करना होगा। इस फैसले से हजारों कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। खासतौर पर उन लोगों को, जिनका बार-बार तबादला होता रहता है।
परिवार और बच्चों की पढ़ाई को राहत
अब तक ट्रांसफर होने पर कर्मचारियों को अपना सरकारी आवास छोड़ना पड़ता था। इससे उनके परिवार को काफी परेशानी होती थी। खासकर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी। लेकिन नए नियम के बाद कर्मचारी अपना पुराना क्वार्टर अपने पास रख सकेंगे। इससे परिवार को स्थिरता मिलेगी और बच्चों की पढ़ाई बिना रुकावट जारी रह सकेगी।
दो श्रेणियों में दी गई सुविधा
रेलवे बोर्ड ने इस सुविधा को दो श्रेणियों में बांटा है। पहली श्रेणी में कुछ विशेष जोन और वर्कशॉप शामिल हैं। इनमें ट्रांसफर होने पर कर्मचारी निर्धारित लाइसेंस फीस देकर अपना पुराना घर रख सकते हैं। दूसरी श्रेणी में कुछ नए और दूरस्थ क्षेत्र शामिल हैं। यहां पोस्टिंग होने पर कर्मचारी सामान्य किराए पर ही अपना क्वार्टर रिटेन कर सकेंगे। इस व्यवस्था से कर्मचारियों को अधिक लचीलापन मिलेगा।
हर साल रिन्यू की जरूरत नहीं
इस नई व्यवस्था की खास बात यह है कि कर्मचारियों को हर साल इस सुविधा को रिन्यू नहीं कराना पड़ेगा। यानी एक बार अनुमति मिलने के बाद वे बिना किसी अतिरिक्त प्रक्रिया के क्वार्टर रख सकेंगे। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया भी आसान होगी और कर्मचारियों का समय भी बचेगा।
अगले आदेश तक जारी रहेगी सुविधा
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा अगले आदेश तक जारी रहेगी। इसका मतलब है कि फिलहाल कर्मचारियों को बार-बार एक्सटेंशन लेने की जरूरत नहीं होगी। इससे वे बिना तनाव के अपने काम पर ध्यान दे सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से कर्मचारियों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।फर के बाद भी रहेगा पुराना क्वार्टर
