‘फरसा वाले बाबा’ की मौत के बाद भड़की भीड़, गोतस्करी के आरोप और पुलिस की अलग कहानी
उत्तर प्रदेश के Mathura में साधु चंद्रशेखर सिंह उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा किया। इतना ही नहीं, हाईवे जाम कर दिया गया और पुलिस पर पथराव भी किया गया।
घटना के बाद भड़की हिंसा
साधु की मौत के बाद हजारों लोग सड़क पर उतर आए। भीड़ ने बाबा का शव रखकर दिल्ली-मथुरा हाईवे जाम कर दिया। इसके बाद स्थिति तेजी से बिगड़ गई। लोगों ने पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की और कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। साथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
गोतस्करी का आरोप, साथियों का दावा
बाबा के साथियों का कहना है कि उन्हें ट्रक में गोवंश ले जाए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद बाबा अपने दो शिष्यों के साथ ट्रक का पीछा कर रहे थे। बताया गया कि करीब 7 किलोमीटर पीछा करने के बाद बाबा ने ट्रक को रोकने की कोशिश की। लेकिन ट्रक चालक ने रफ्तार बढ़ा दी और उन्हें कुचलते हुए फरार हो गया। इस घटना में बाबा की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस का बयान: हादसा, कोई गोवंश नहीं
वहीं पुलिस का कहना है कि यह एक सड़क हादसा था। अधिकारियों के मुताबिक, बाबा एक कंटेनर को रोककर चेकिंग कर रहे थे। उसी दौरान घने कोहरे में पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। Shailesh Pandey ने स्पष्ट किया कि ट्रक में कोई गोवंश नहीं था। कंटेनर में साबुन, फिनाइल और शैंपू जैसे सामान भरे थे।
अफवाह से बिगड़ा माहौल
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद अफवाह फैलने से माहौल और खराब हुआ। इसी वजह से लोगों में गुस्सा बढ़ गया और हिंसा भड़क उठी। प्रशासन का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जाएगी।
प्रशासन के सामने रखी गईं मांगें
हंगामे के बीच लोग बाबा का शव लेकर गांव की गोशाला पहुंचे। वहां प्रशासन के सामने स्मारक बनाने समेत कई मांगें रखी गईं। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही अंतिम संस्कार किया गया।
CM योगी ने लिया संज्ञान
घटना को लेकर Yogi Adityanath ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
