Bengaluru-Chennai Bullet Train Project
भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क लगातार विस्तार की ओर बढ़ रहा है। अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन के बाद अब बेंगलुरु से चेन्नई के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी तेज हो गई है। यह परियोजना तकनीक और गति दोनों के लिहाज से देश के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
306 किलोमीटर लंबा होगा हाई-स्पीड कॉरिडोर
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के अनुसार,
बेंगलुरु-चेन्नई बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की कुल लंबाई 306 किलोमीटर होगी।
फिलहाल सर्वे का काम पूरा हो चुका है और अलाइनमेंट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है।
26 किलोमीटर होगा अंडरग्राउंड ट्रैक
इस कॉरिडोर की सबसे खास बात यह है कि ट्रेन करीब 100 फुट नीचे जमीन के अंदर दौड़ेगी।
कुल 26 किलोमीटर का ट्रैक अंडरग्राउंड बनाया जाएगा।
अंडरग्राउंड सेक्शन कहां बनेंगे?
- चेन्नई शहर में – 2.5 किमी
- आंध्र प्रदेश के मोगिली घाट (चित्तूर) में – 11.5 किमी
- बेंगलुरु शहर में – 12 किमी
सिर्फ 1 घंटे में पूरा होगा सफर
वर्तमान में बेंगलुरु से चेन्नई की यात्रा में करीब 5 घंटे का समय लगता है।
लेकिन बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद यह सफर महज 1 घंटे या उससे भी कम समय में पूरा किया जा सकेगा।
8 स्टेशन बनाए जाएंगे
इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर कुल 8 स्टेशन प्रस्तावित हैं:
- चेन्नई सेंट्रल
- पोनामल्ली
- परंदुर
- चित्तूर
- कोलार
- कोडिहल्ली
- व्हाइटफील्ड
- बाईयप्पनहल्ली
परंदुर के पास चेन्नई का दूसरा एयरपोर्ट प्रस्तावित है, जबकि कोडिहल्ली के पास मेंटेनेंस डिपो बनाया जाएगा।
320 किमी प्रतिघंटा होगी परिचालन गति
इस ट्रैक को 350 किमी/घंटा की डिजाइन स्पीड के लिए तैयार किया जाएगा।
हालांकि, ट्रेन की परिचालन गति 320 किमी/घंटा होगी, जबकि औसत गति करीब 250 किमी/घंटा रहने की उम्मीद है।
4 रूट विकल्पों पर हो रहा विचार
परियोजना के लिए फिलहाल चार अलग-अलग रूट पर अध्ययन किया जा रहा है।
इनमें से जो रूट सबसे छोटा, किफायती और ज्यादा लोगों को फायदा पहुंचाने वाला होगा, उसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
