सब-हेडिंग: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में रेलवे, टूरिज्म और टेक्नोलॉजी सेक्टर को दी नई रफ्तार
बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Union Budget 2026-27 पेश करते हुए देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति देने का रोडमैप रखा। इस बार बजट में रेलवे, मेडिकल टूरिज्म और तकनीकी आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखा गया है। इसके साथ ही सरकार ने साफ संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स भारत की विकास गाथा के प्रमुख स्तंभ होंगे।
बजट पेश करने की बदली हुई परंपरा बरकरार
वर्ष 2019 में ब्रीफकेस की जगह लाल कपड़े में बही-खाता लाकर बजट पेश करने की परंपरा की शुरुआत की गई थी। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वित्त मंत्री ने संसद में बजट 2026-27 प्रस्तुत किया। यह बदलाव केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि नई सोच और आधुनिक वित्तीय दृष्टिकोण का संकेत माना जा रहा है।
सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की ऐतिहासिक घोषणा
रेलवे सेक्टर को बड़ी सौगात देते हुए वित्त मंत्री ने सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की। प्रस्तावित कॉरिडोर मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी को जोड़ेंगे। इन परियोजनाओं से यात्रा समय कम होगा और बड़े आर्थिक केंद्रों के बीच संपर्क और मजबूत होगा।
मेडिकल टूरिज्म को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा
बजट 2026 में भारत को मेडिकल टूरिज्म का वैश्विक हब बनाने की योजना भी सामने आई है। इसके तहत देशभर में पांच क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज्म केंद्र विकसित किए जाएंगे। इससे विदेशी मरीजों के साथ-साथ घरेलू स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होने की उम्मीद है।
डेडिकेटेड फ्रेट और रेयर अर्थ कॉरिडोर से लॉजिस्टिक्स मजबूत
पर्यावरण के अनुकूल माल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए डंकुनी से सूरत तक नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रस्तावित किया गया है। इसके साथ ही पांच राज्यों में रेयर अर्थ मिनरल के लिए विशेष कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिससे रणनीतिक खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी।
सेमीकंडक्टर मिशन और टैक्स सिस्टम में सुधार
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत ISM 2.0 शुरू करने की घोषणा की गई है, जिससे देश में सेमीकंडक्टर उपकरण और सामग्री निर्माण को बल मिलेगा। वहीं, इनकम टैक्स प्रणाली को सरल बनाते हुए नया टैक्स फॉर्म 1 अप्रैल से लागू होगा। विदेश यात्रा पर टीडीएस की दर 2 प्रतिशत तय की गई है।
