ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी ‘वंडर टनल’: फ्रांस-लंदन को भी देगी टक्कर

ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनने वाली अंडरवाटर टनल का संभावित डिजाइन
असम में ब्रह्मपुत्र के नीचे देश की पहली ट्विन-ट्यूब रोड-कम-रेल सुरंग।

33.7 किमी लंबी रोड-कम-रेल सुरंग से छह घंटे का सफर घटकर 30 मिनट

असम में एक ऐतिहासिक परियोजना को मंजूरी मिल गई है। अब ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे देश की पहली रोड-कम-रेल अंडरवाटर टनल बनेगी। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार की कैबिनेट ने हरी झंडी दी है। जानकारी केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने साझा की यह सुरंग गोहपुर और नुमालीगढ़ को जोड़ेगी। इसकी कुल लंबाई 33.7 किलोमीटर होगी। हालांकि करीब 15.79 किलोमीटर हिस्सा पानी के नीचे रहेगा।

यात्रा समय में बड़ी कटौती

फिलहाल गोहपुर से नुमालीगढ़ तक का सफर लगभग 240 किलोमीटर का है। इसमें करीब छह घंटे लगते हैं। लेकिन टनल बनने के बाद दूरी घटकर लगभग 34 किलोमीटर रह जाएगी। यात्रा समय सिर्फ 20 से 30 मिनट रह जाएगा। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

कैसी होगी टनल की बनावट

यह परियोजना ट्विन-ट्यूब डिजाइन पर आधारित होगी। एक ट्यूब में चार लेन की सड़क बनेगी। दूसरी ट्यूब में रेलवे ट्रैक बिछाया जाएगा। आधुनिक टनल बोरिंग मशीन से निर्माण होगा। हर 500 मीटर पर क्रॉस पैसेज बनाए जाएंगे। आपात स्थिति में निकासी आसान होगी। अंदर एलईडी लाइटिंग, हाई-टेक वेंटिलेशन और मजबूत कंक्रीट स्ट्रक्चर होगा। इस प्रोजेक्ट की तुलना यूरोप की मशहूर Channel Tunnel से की जा रही है। जिस तरह उस टनल ने फ्रांस और इंग्लैंड के बीच यात्रा आसान की, उसी तरह यह सुरंग पूर्वोत्तर भारत की तस्वीर बदल सकती है।

पूर्वोत्तर को मिलेगा बड़ा फायदा

इस टनल से असम, अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड को सीधा लाभ होगा। माल ढुलाई तेज होगी। लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी। काजीरंगा जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच बेहतर होगी। सीमा क्षेत्रों में कनेक्टिविटी मजबूत होगी। सुरक्षा व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। गौरतलब है कि इससे पहले भारत ने कोलकाता में हुगली नदी के नीचे मेट्रो सुरंग बनाकर अपनी क्षमता दिखाई थी। लेकिन यह पहली बार होगा जब सड़क और रेल दोनों एक साथ पानी के नीचे चलेंगी।यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक टनल नहीं है। बल्कि यह भारत की इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक है। आने वाले समय में ब्रह्मपुत्र के नीचे बना यह आधुनिक मार्ग देश की नई पहचान बन सकता है।

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