NTPC परियोजना विस्तार के नाम पर कार्रवाई, अंबा प्रसाद ने उठाए कानूनी सवाल
प्रशासन की कार्रवाई और जमीन अधिग्रहण विवाद
हजारीबाग के केरेडारी क्षेत्र में गुरुवार को बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला। पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का मकान बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। बताया जा रहा है कि यह जमीन पहले ही NTPC Limited की सीबी कोल परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा चुकी थी। प्रशासन ने दावा किया कि मुआवजे की राशि ट्रिब्यूनल कोर्ट में जमा कर दी गई थी। इसलिए नियमानुसार जमीन खाली कराकर मकान तोड़ा गया। वहीं पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इसके चलते किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई।
अंबा प्रसाद ने उठाए कानूनी सवाल
हालांकि इस कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि मामला अभी न्यायालय में लंबित है। इसके बावजूद बिना कोर्ट की मंजूरी के मकान तोड़ना नियमों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और कंपनी ने जल्दबाजी में कार्रवाई की। साथ ही उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण कदम बताया। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
योगेंद्र साव का आरोप और समर्थकों में नाराजगी
दूसरी ओर योगेंद्र साव ने भी इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 1 अगस्त 2025 को उनकी फैक्ट्री भी तोड़ी गई थी। अब 19 मार्च 2026 को उनका घर भी गिरा दिया गया। उन्होंने इसे “अबुआ सरकार की मनमानी” करार दिया। साथ ही आरोप लगाया कि उनके परिवार को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। इस घटना के बाद उनके समर्थकों में गुस्सा देखा जा रहा है। वहीं प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है।
