मॉब लिंचिंग के बाद तनाव चरम पर, इंटरनेट बंद, RAF तैनात
कोकराझार में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प
असम के कोकराझार जिले में हालात उस वक्त बेकाबू हो गए, जब बोडो समुदाय और आदिवासी समुदाय के बीच झड़प ने हिंसक रूप ले लिया। देखते ही देखते गुस्साई भीड़ सड़कों पर उतर आई। इसके बाद कई घरों और करिगांव पुलिस चौकी में आग लगा दी गई। हालात तेजी से बिगड़ते चले गए और पूरे इलाके में तनाव फैल गया।
नेशनल हाईवे जाम, टायर जलाकर प्रदर्शन
इसके बाद भीड़ ने करिगांव के पास नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाए, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। कई घंटों तक हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा।
इंटरनेट सेवाएं बंद, RAF की तैनाती
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स तैनात की है। साथ ही अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए अगले आदेश तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार इलाके में गश्त कर रही हैं।
हादसे से शुरू हुआ बवाल
दरअसल, सोमवार देर रात करिगांव पुलिस चौकी के पास मानसिंह रोड पर एक कार ने दो आदिवासी समुदाय के लोगों को टक्कर मार दी थी। कार में बोडो समुदाय के तीन लोग सवार थे। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने कार सवार लोगों की पिटाई कर दी और वाहन को आग के हवाले कर दिया।
इलाज के दौरान एक की मौत
मॉब लिंचिंग में घायल लोगों को अस्पताल ले जाया गया। वहां सिखना ज्वह्वलाओ बिस्मित उर्फ राजा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह ठेकेदार मोरांडा बसुमतारी का दामाद था, जो इलाके में सड़क निर्माण परियोजना से जुड़े हैं। इस घटना में कई अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की अपील
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घटना पर चिंता जताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने सामुदायिक और राजनीतिक नेताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि हालात सामान्य करने के लिए सरकार पूरी तरह सतर्क है।
