छत्तीसगढ़-झारखंड बॉर्डर पर दर्दनाक हादसा, स्कूल बस पलटी, 7 की मौत से मचा कोहराम

School bus accident on Chhattisgarh Jharkhand border
छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा पर स्कूल बस हादसे के बाद का मंजर

ब्रेक फेल होने से खाई में गिरी तेज रफ्तार बस, 80 से ज्यादा यात्री घायल, कई की हालत गंभीर

सगाई समारोह में जा रही बस का हुआ दर्दनाक अंत

छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा पर रविवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार स्कूल बस अचानक बेकाबू होकर पलट गई। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई। वहीं 80 से ज्यादा लोग घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई।

ब्रेक फेल होने से बस हुई बेकाबू

जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के 87 लोग ज्ञान गंगा स्कूल की बस में सवार थे। सभी झारखंड के महुआडांड़ थाना क्षेत्र के लोध गांव सगाई कार्यक्रम में जा रहे थे। जैसे ही बस ओरसा बंगलादारा घाटी में उतर रही थी, अचानक उसका ब्रेक फेल हो गया।

रोड सेफ्टी गार्ड तोड़ खाई में गिरी बस

ब्रेक फेल होने के बाद ड्राइवर ने बस को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की। पहले हैंड ब्रेक लगाया गया। फिर इंजन बंद किया गया। बावजूद इसके ढलान के कारण बस तेजी से आगे बढ़ती रही। इसी दौरान बस पीडब्ल्यूडी के रोड सेफ्टी गार्ड को तोड़ते हुए एक पेड़ से टकराई और करीब 20 फीट गहरी खाई में जा गिरी।

सड़क पर बिखरी रहीं लाशें

हादसा इतना भयावह था कि 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 2 लोगों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों में 5 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। कई यात्री बस के भीतर दब गए। कुछ लोग उछलकर सड़क पर जा गिरे। चारों ओर लाशें और घायल बिखरे नजर आए।

घायलों का इलाज जारी

स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से राहत कार्य शुरू किया गया। पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। घायलों को महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और कार्मेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब 30 से ज्यादा घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। कुछ को बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।

बढ़ सकती है मौतों की संख्या

पुलिस के मुताबिक कई घायलों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।

यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा इंतजामों और बसों की तकनीकी जांच पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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