चीन के परमाणु हथियारों पर संकट? शी जिनपिंग के सबसे करीबी जनरल पर देशद्रोह का शक

Chinese President Xi Jinping and PLA generals during military event
शी जिनपिंग के करीबी जनरल झांग यूक्सिया पर गंभीर आरोपों से PLA में हड़कंप

PLA में भूचाल, जनरल झांग यूक्सिया पर अमेरिका को न्यूक्लियर डेटा लीक करने का आरोप, बीजिंग से लेकर वॉशिंगटन तक हड़कंप

बीजिंग। चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक और सैन्य भूचाल आया है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के उपाध्यक्ष जनरल झांग यूक्सिया जांच के घेरे में आ गए हैं। यह मामला केवल भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें चीन के परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़ा बेहद संवेदनशील पहलू भी सामने आया है।

अमेरिका को न्यूक्लियर डेटा लीक करने का शक

अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, जनरल झांग पर आरोप है कि उन्होंने चीन के परमाणु हथियारों से जुड़ा कोर टेक्निकल डेटा अमेरिका तक पहुंचाया। बताया जा रहा है कि PLA की एक आंतरिक ब्रीफिंग में यह गंभीर आरोप सामने आया। हालांकि, चीनी रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर परमाणु लीक की पुष्टि नहीं की है, लेकिन इसे “अनुशासन और कानून का गंभीर उल्लंघन” जरूर बताया गया है।

शी जिनपिंग के सबसे करीबी थे झांग

यह मामला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि 75 वर्षीय जनरल झांग को राष्ट्रपति शी जिनपिंग का सबसे वफादार सहयोगी माना जाता था। उन पर सेना में प्रमोशन के बदले रिश्वत लेने, अपने राजनीतिक गुट बनाने और CMC में पद का दुरुपयोग करने जैसे आरोप भी लगे हैं। विशेषज्ञ इसे हाल के दशकों में किसी शीर्ष चीनी जनरल के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई मान रहे हैं।

मोबाइल जब्त, नेटवर्क पर भी शिकंजा

जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी है, जिन्हें जनरल झांग ने प्रमोट किया था। कई वरिष्ठ अफसरों के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त कर लिए गए हैं। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई सेना के खरीद और प्रमोशन सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश है।

सोशल मीडिया पर अफवाहों का दौर

मामले के सामने आते ही सोशल मीडिया पर तख्तापलट जैसी अफवाहें उड़ने लगीं। कुछ दावों में झांग को हिरासत में लिए जाने और सुरक्षा बलों में झड़प की बातें कही गईं। हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

परमाणु लीक पर चीन की चुप्पी

विश्लेषकों का कहना है कि चीन के न्यूक्लियर प्रोग्राम की सुरक्षा बेहद कड़ी है। ऐसे में अकेले किसी जनरल द्वारा डेटा लीक करना आसान नहीं माना जाता। फिलहाल, बीजिंग ने परमाणु लीक के आरोपों पर चुप्पी साध रखी है और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान का हिस्सा बता रहा है।

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