कड़कड़डूमा कोर्ट ने माना—हिंसक भीड़ ने किया था जानलेवा हमला
अदालत का फैसला और आरोप तय
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में वर्ष 2020 के दंगों से जुड़े एक अहम मामले में कड़कड़डूमा अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीन सिंह की अदालत ने तीन आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया। इनमें गोलू उर्फ प्रशांत मल्होत्रा, गौरव उर्फ कमल और अनंत भारद्वाज शामिल हैं। अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया इनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। इसी आधार पर मामले को आगे सुनवाई के लिए बढ़ाया गया।
दंगों के दौरान हुई हिंसा का मामला
अभियोजन के अनुसार, दिल्ली दंगे 2020 के दौरान 23 से 26 फरवरी 2020 के बीच चांद बाग और वजीराबाद रोड सहित कई इलाकों में हिंसा भड़क गई थी। यह हिंसा सीएए और एनआरसी के विरोध के दौरान हुई थी। इसी दौरान 24 फरवरी को शिकायतकर्ता जेबुन्निशा के भाई मोहम्मद जुबैर पर हमला किया गया। बताया गया कि जब वह घर लौट रहे थे, तब हिंसक भीड़ ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।
जांच में सामने आए सबूत
जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सबूत मिले। इसमें वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान शामिल थे। इन सबूतों के आधार पर तीनों आरोपितों की पहचान की गई। घायल मोहम्मद जुबैर और अन्य गवाहों ने भी आरोपितों को हमलावर भीड़ का हिस्सा बताया। इसके बाद पुलिस ने दंगा, जानलेवा हमला और अन्य धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया। अब अदालत के इस फैसले के बाद मामले की आगे की सुनवाई तेज होने की संभावना है।
