एल मेंचो की मौत से दहला मेक्सिको: ड्रग लॉर्ड के अंत के बाद सड़कों पर गृहयुद्ध जैसे हालात

El Mencho leader of CJNG cartel during investigation photo
मेक्सिको के ड्रग कार्टेल CJNG का सरगना एल मेंचो

CJNG सरगना के सैन्य ऑपरेशन में मारे जाने के बाद हिंसा भड़की, US की भूमिका पर भी चर्चा तेज

कौन था एल मेंचो?

Nemesio Oseguera Cervantes, जिसे दुनिया एल मेंचो के नाम से जानती है, मेक्सिको का सबसे खतरनाक ड्रग माफिया माना जाता था। वह 17 जुलाई 1966 को एक गरीब परिवार में पैदा हुआ। परिवार एवोकाडो की खेती से गुजारा करता था। वह पांचवीं कक्षा तक ही पढ़ पाया।कम उम्र में ही उसने अवैध गतिविधियों में कदम रख दिया। 1980 के दशक में वह अवैध रूप से अमेरिका चला गया। वहां ड्रग्स से जुड़े मामलों में पकड़ा गया। 1992 में सजा काटने के बाद उसे मेक्सिको डिपोर्ट कर दिया गया।

पुलिस अफसर से बना ड्रग लॉर्ड

मेक्सिको लौटने के बाद उसने जलिस्को राज्य में लोकल पुलिस अधिकारी के रूप में काम किया। यहीं से उसकी जिंदगी ने खतरनाक मोड़ लिया। पुलिस सिस्टम की कमजोरियों को समझने के बाद उसने नौकरी छोड़ दी। फिर ड्रग तस्करी में उतर गया। पहले वह मिलेनियो कार्टेल से जुड़ा। बाद में 2009-10 में अलग होकर उसने Jalisco New Generation Cartel (CJNG) की स्थापना की। धीरे-धीरे CJNG मेक्सिको का सबसे हिंसक कार्टेल बन गया।

कैसे बना 136 करोड़ का इनामी?

एल मेंचो के नेतृत्व में CJNG ने कोकीन, हेरोइन, मेथामफेटामाइन और फेंटनिल की तस्करी दुनिया भर में फैलाई।उसका नेटवर्क अमेरिका, यूरोप, एशिया और अफ्रीका तक पहुंच गया। 2015 में उसके गिरोह ने मेक्सिकन आर्मी के हेलीकॉप्टर को RPG से गिरा दिया। इस हमले में 9 सैनिक मारे गए। इसके बाद अमेरिका ने उसे टॉप मोस्ट वॉन्टेड घोषित किया। United States Department of State ने उस पर 15 मिलियन डॉलर यानी लगभग 136 करोड़ रुपये का इनाम रखा।

ऑपरेशन में कैसे हुई मौत?

22 फरवरी 2026 को मेक्सिकन आर्मी, नेशनल गार्ड और एयर फोर्स ने तापाल्पा क्षेत्र में संयुक्त ऑपरेशन चलाया। यह कार्रवाई खुफिया इनपुट के आधार पर की गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ऑपरेशन में अमेरिका ने भी इंटेलिजेंस सपोर्ट दिया। मुठभेड़ में CJNG के कई सदस्य मारे गए। एल मेंचो गंभीर रूप से घायल हुआ। अस्पताल ले जाते समय हेलीकॉप्टर में उसकी मौत हो गई।

मौत के बाद क्यों भड़की हिंसा?

उसकी मौत की खबर फैलते ही समर्थकों ने कई शहरों में आगजनी शुरू कर दी। Guadalajara और Puerto Vallarta में हालात बिगड़ गए। सड़कों पर गाड़ियां जलाई गईं। गोलियां चलीं। दुकानों और बसों को आग लगा दी गई। जलिस्को के गवर्नर ने ‘कोड रेड’ जारी किया। अमेरिका समेत कई देशों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी।

आगे क्या होगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े गैंग लीडर की मौत के बाद कार्टेल टूट सकते हैं। हालांकि, इससे हिंसा कम नहीं होती। बल्कि कई बार आपसी गैंगवार और बढ़ जाती है। एल मेंचो की मौत मेक्सिको सरकार के लिए बड़ी सफलता है। लेकिन असली चुनौती अब शुरू हो सकती है।

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