गंगापुर सिटी में पोषण जागरूकता कार्यक्रम, बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पूरक पोषाहार पर जोर

Anganwadi nutrition awareness program in Gangapur City
गंगापुर सिटी में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण जागरूकता कार्यक्रम

गंगापुर सिटी।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गंगापुर सिटी में ‘सम्पूर्णता अभियान 2.0’ के तहत पोषण जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों और अभिभावकों को स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक करना है।

28 जनवरी से 14 अप्रैल तक चलेगा अभियान

यह विशेष अभियान 28 जनवरी से 14 अप्रैल तक संचालित किया जाएगा। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर विभिन्न गतिविधियों के जरिए लोगों को पोषण और संतुलित आहार की जानकारी दी जा रही है।इंटरहेडिंग के बाद पूरे क्रम में बात करें तो, इस पहल का लक्ष्य छोटे बच्चों में कुपोषण को कम करना और उन्हें स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करना है।

250 आंगनबाड़ी केंद्रों पर गतिविधियां

समेकित बाल विकास सेवाओं के अंतर्गत गंगापुर सिटी को एक आशान्वित ब्लॉक के रूप में चयनित किया गया है। यहां 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को पूरक पोषाहार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परियोजना क्षेत्र के सभी 250 आंगनबाड़ी केंद्रों पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मंगलवार को कुनकटा कलां और पीलोदा के आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष गतिविधियां आयोजित की गईं।

पूरक पोषाहार की गुणवत्ता की जांच

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को दिए जा रहे पूरक पोषाहार की गुणवत्ता की भी जांच की गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि बच्चों को पोषक और संतुलित आहार मिल रहा है। साथ ही, अभिभावकों को पोषण के महत्व, संतुलित आहार और बच्चों के सही शारीरिक व मानसिक विकास के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

बच्चों के विकास के लिए पोषण जरूरी

अधिकारियों ने बताया कि बच्चों के बेहतर विकास के लिए नियमित और पर्याप्त पोषाहार बेहद जरूरी है। सही पोषण से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है और उनका समग्र विकास सुनिश्चित होता है।

अधिकारियों और कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका

इस अभियान के सफल संचालन में बाल विकास परियोजना अधिकारी, महिला पर्यवेक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी मिलकर इस अभियान को प्रभावी बनाने में जुटे हुए हैं।

आमजन से की गई अपील

महिला एवं बाल विकास विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र भेजें। साथ ही, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर बच्चों को कुपोषण से बचाने में सहयोग करें।

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