डॉलर की मजबूती और वैश्विक बाजार के दबाव से कीमती धातुओं में तेज गिरावट, MCX और अंतरराष्ट्रीय बाजार दोनों में कीमतें टूटीं
हफ्ते की शुरुआत में निवेशकों को झटका
कारोबारी हफ्ते की शुरुआत सोना-चांदी के निवेशकों के लिए झटका लेकर आई. सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू वायदा बाजार तक कीमती धातुओं की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली. खासतौर पर चांदी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. कीमतें अचानक गिरकर ढाई लाख रुपए प्रति किलो के स्तर से नीचे पहुंच गईं. इस गिरावट ने बाजार में हलचल बढ़ा दी. निवेशकों और कारोबारियों के बीच भी इस बदलाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोर रुख
वैश्विक बाजार में भी सोना और चांदी के दाम दबाव में रहे. कोमेक्स पर सोना करीब 70 डॉलर टूटकर 5000 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया. कारोबार के दौरान इसकी कीमत लगभग 4991 डॉलर प्रति औंस के आसपास देखी गई. वहीं चांदी में भी कमजोरी बनी रही. चांदी करीब 4 डॉलर गिरकर 77 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड करती दिखाई दी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस कमजोरी का असर सीधे भारतीय बाजारों पर भी पड़ा.
MCX पर सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट
घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर भी सोना और चांदी के दाम तेजी से गिरे. अप्रैल 2026 डिलिवरी वाला सोना करीब 1.80 प्रतिशत गिरकर 1,55,616 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता नजर आया. ट्रेडिंग के दौरान इसका हाई लेवल 1,57,523 रुपए और लो लेवल 1,54,925 रुपए रहा. पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,58,466 रुपए पर बंद हुआ था. इस हिसाब से पिछले क्लोजिंग प्राइस की तुलना में सोना करीब 3,541 रुपए तक सस्ता हो गया.
दूसरी ओर मई 2026 डिलिवरी वाली चांदी में 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई. इसकी कीमत 7,931 रुपए गिरकर 2,51,504 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई. ट्रेडिंग के दौरान इसका हाई लेवल 2,57,161 रुपए और लो लेवल 2,46,864 रुपए रहा. पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,59,435 रुपए पर बंद हुई थी. इस तरह पिछले क्लोज और आज के लो लेवल की तुलना करें तो चांदी करीब 12,573 रुपए तक सस्ती हो गई.
डॉलर की मजबूती से आया दबाव
कमोडिटी बाजार के जानकारों के अनुसार इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण हैं. केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि डॉलर की मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से कीमती धातुओं पर दबाव बना है. जब डॉलर मजबूत होता है तो आमतौर पर सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में बिकवाली बढ़ जाती है. इसके कारण कीमतों में तेजी से गिरावट देखने को मिलती है.
मिडिल ईस्ट तनाव का भी असर
विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर भी कमोडिटी बाजार पर पड़ा है. रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका ने ईरान के अहम तेल निर्यात केंद्र खार्ग आइलैंड के पास सैन्य ठिकानों पर हमला किया है. इस घटना से वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है. इसका असर तेल और कीमती धातुओं दोनों पर देखने को मिल रहा है.
आगे और गिर सकते हैं दाम
कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता का मानना है कि फिलहाल डॉलर की मजबूती सोना-चांदी की कीमतों पर सबसे बड़ा दबाव बना रही है. अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले दिनों में कीमतों में और गिरावट आ सकती है. उनका अनुमान है कि सोना 1.50 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम से नीचे जा सकता है. वहीं चांदी 2.40 लाख रुपए प्रति किलो तक गिर सकती है. ऐसे में निवेशकों को फिलहाल बाजार की चाल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है.
