अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच ईरान ने कहा– होर्मुज जलडमरूमध्य का सैन्य इस्तेमाल करने वाले देशों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा
मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध अब और गंभीर होता जा रहा है. अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का संघर्ष 17वें दिन में प्रवेश कर चुका है. इस दौरान क्षेत्र में लगातार हवाई हमले और जवाबी सैन्य कार्रवाई देखी जा रही है. हालात ऐसे हैं कि पूरे क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है. इस युद्ध का असर केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं है. बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इसके प्रभाव दिखाई देने लगे हैं. खासकर ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है. इसकी मुख्य वजह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य है, जहां से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल निर्यात होता है.
ईरान ने होर्मुज को लेकर दी कड़ी चेतावनी
ईरान ने इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने स्पष्ट कहा कि यह रणनीतिक समुद्री मार्ग अब उन देशों के लिए सुरक्षित नहीं रहेगा, जो ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए इसका उपयोग करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जहाजों को इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति केवल विशेष परिस्थितियों में ही दी जाएगी. ईरान का कहना है कि क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल अमेरिका और इजरायल के हमलों की वजह से पैदा हुआ है.
ईरानी सेना ने जताया पूरा नियंत्रण
इस्माइल बगाई ने यह भी कहा कि ईरान के सशस्त्र बल होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरी तरह नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि ईरानी सेना इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर पूर्ण नियंत्रण रखती है. ईरान ने साफ किया है कि किसी भी देश को इस जलडमरूमध्य का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई के लिए नहीं करने दिया जाएगा. अगर कोई ऐसा करने की कोशिश करता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा असर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है. दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल इसी मार्ग से होकर गुजरता है. इसलिए यहां तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल बाजार पर सीधा असर पड़ता है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा आती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं. इससे कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी दबाव बढ़ सकता है.
ईरान ने सुरक्षा का दिया हवाला
ईरान ने अपने बयान में कहा है कि एक तटीय राष्ट्र होने के नाते उसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने का पूरा अधिकार है. ईरानी सरकार का कहना है कि वह किसी भी बाहरी हमले या खतरे से अपने देश और समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगी. मिडिल ईस्ट में जारी इस तनावपूर्ण स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है. आने वाले दिनों में इस संघर्ष की दिशा और इसके वैश्विक प्रभाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता लगातार बढ़ती जा रही है.
